Jharkhand: लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद केस (केस नंबर 110/2022) में दुमका कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में पूर्व सांसद फुरकान अंसारी और झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को सभी आरोपों से बाइज्ज़त बरी कर दिया।
2022 से चल रही कानूनी लड़ाई खत्म
इस मामले की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी। इसके बाद से डॉ. इरफान अंसारी को बार-बार कोर्ट में पेश होना पड़ रहा था। आखिरकार अदालत ने साफ कहा कि इस मामले में कोई ठोस सबूत नहीं है।
फैसले के बाद इलाके में जश्न
फैसला आते ही पूरे दुमका और आसपास के इलाकों में जश्न का माहौल बन गया। समर्थकों ने मिठाई बाँटकर खुशी जाहिर की और “सत्य की जीत” के नारे लगाए।
डॉ. इरफान अंसारी की प्रतिक्रिया
फैसले के बाद मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा:
“हमें हमेशा न्यायपालिका पर भरोसा था। आज सच सामने आ गया है। मेरे पिताजी, जिन्होंने झारखंड राज्य आंदोलन में बड़ी कुर्बानियाँ दीं, उन्हें भी इस केस में घसीटा गया। लेकिन कोर्ट ने साबित कर दिया कि यह मामला निराधार था। यह न्याय और सत्य की जीत है।”
फुरकान अंसारी ने भी जताया आभार
पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने कहा कि यह फैसला न्याय व्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है। उन्होंने समर्थकों और जनता का आभार जताते हुए कहा कि अब झारखंड की जनता विकास और सेवा की राह पर आगे बढ़ेगी।













