National News: जहां एक ओर देश के कई हिस्सों में मानसून कमजोर पड़ता नजर आ रहा है, वहीं कुछ राज्य ऐसे भी हैं जहां भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में बाढ़ और बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा।
पंजाब में बाढ़ की भयावह स्थिति
पंजाब में बाढ़ की भयावह स्थिति बनी हुई है, जहां पठानकोट, फिरोजपुर समेत 9 जिले एक हफ्ते से पानी की चपेट में हैं। 1,312 गांवों के 2.56 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं और अब तक 29 लोगों की जान जा चुकी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्थिति की समीक्षा के लिए हाईलेवल बैठक बुलाई है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बातचीत कर केंद्र से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।
हरियाणा में कई स्कूलों में छुट्टी घोषित
इस बाढ़ का असर हरियाणा में भी देखने को मिल रहा है। यहां लगातार बारिश और उफनती नदियों के कारण भिवानी, हिसार, सिरसा, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और पंचकूला जैसे जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। कई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है और गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम के आदेश जारी किए गए हैं।
उत्तराखंड में भी हालात गंभीर
उत्तराखंड में भी हालात गंभीर हैं। सभी 13 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन से दो लोगों की मौत और छह घायल हो गए हैं। चार धाम यात्रा 5 सितंबर तक स्थगित कर दी गई है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश ने पिछले 76 सालों का रिकॉर्ड तोड़ा
हिमाचल प्रदेश में अगस्त 2025 की बारिश ने पिछले 76 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस साल अगस्त में 256.8 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 68% ज्यादा है। शिमला में लैंडस्लाइड और मकान गिरने की घटनाओं में 4 लोगों की मौत हुई है। मौसम विभाग ने 6 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है, और 8 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद हैं।












