Ranchi: झारखंड की राजनीति में हाल के समय में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में गोड्डा में हुए सूर्या हांसदा के एनकाउंटर के बाद विपक्ष में बैठी भाजपा जहां लगातार सरकार को घेर रही है, वहीं जेएलकेएम के एकमात्र विधायक जयराम महतो ने सीबीआई जांच की मांग की है। अब सत्ता पक्ष से भी आवाज उठी है। दरअसल बड़कागांव की पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता अंबा प्रसाद ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिस तरह दबाव में गैंगस्टर अमन साहू और सूर्या हांसदा की हत्या की गई, कहीं उनकी भी हत्या न कर दी जाए।
read more: हजारीबाग में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के 5 बाउंसर गिरफ्तार, जानिए क्या है पूरा मामला
रांची स्थित प्रेस वार्ता में अंबा ने कही बड़ी बात
रांची स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता कर अंबा प्रसाद ने सीधे-सीधे अपनी ही सरकार के पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिस अधिकारी सत्ता और कंपनियों के दबाव में काम कर रहे हैं, और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। प्रेस वार्ता में अंबा ने बरियातू चट्टी खदान विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय से ग्रामीण NTPC के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। इसी दौरान अचानक पुलिस ने उनके ड्राइवर और निजी गार्ड को एक हाइवा चालक से मारपीट के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 500 पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और उनके ड्राइवर को जबरन ले गए। अंबा के मुताबिक यह उन्हें डराने और चुप कराने की कोशिश है। उन्होंने साफ कहा कि अमन साहू और सूर्या हांसदा जैसे मामलों में पुलिस ने गोली चलाकर काम खत्म कर दिया, कल को उनके साथ भी वैसा ही हो सकता है। अंबा के शब्दों में कहे तो पुलिस अब भाजपा और कंपनियों की लठैत बन चुकी है, जो इशारे पर किसी के खिलाफ भी कार्रवाई करने को तैयार रहती है। लेकिन मैं झुकने वाली नहीं, ऐसे लोगों के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।
read more: सोशल मीडिया, दोस्ती, धीरे-धीरे बढ़ी नजदीकियां और 1.45 करोड़ से ज्यादा की ठगी
आंध्र प्रदेश के सांसद के भाई उन्होंने धमकी देने का लगाया आरोप
उन्होंने आगे कहा कि झारखंड अलग राज्य इसलिए बना था कि यहां के स्थानीय लोगों को अधिकार मिले, लेकिन अब बाहरी कंपनियां कब्जा कर चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन कंपनियां यहां अराजकता फैला रही हैं और पुलिस उनकी मददगार बनी हुई है। साथ ही उन्होंने आंध्र प्रदेश के एक सांसद सीएम रमेश के भाई पर उन्हें धमकी देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सांसद की कंपनी ने यहां लीज ली है और जब उन्होंने अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाई तो उनके राजनीतिक जीवन को खत्म करने की धमकी दी गई। इस संबंध में उन्होंने केरेडारी थाने में मामला दर्ज कराया है और ऑडियो-वीडियो सबूत भी सार्वजनिक किए हैं।













