Deoghar: श्रावण मास के दौरान कांवर यात्रा के क्रम में हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना को लेकर गोड्डा के भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दिए गए बयान पर पूर्व सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता फुरकान अंसारी ने कड़ा विरोध जताया है। फुरकान अंसारी ने इसे “झूठ और भ्रम की राजनीति” करार दिया और कहा कि श्री दुबे द्वारा फैलाई गई जानकारी तथ्यहीन और भ्रामक है।
क्या कहा निशिकांत दुबे ने?
निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया था कि बस-ट्रक की टक्कर में 18 श्रद्धालुओं की मौत हुई है। हालांकि, प्रशासनिक रिपोर्ट और अधिकृत सूत्रों के अनुसार अब तक सिर्फ 6 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई है।
फुरकान अंसारी ने क्यों जताई आपत्ति?
पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा,
“इस प्रकार की गंभीर घटना पर भ्रामक जानकारी फैलाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह कोई पहली बार नहीं है जब निशिकांत दुबे जी ने बिना पुष्टि के बयान दिया हो। वे बार-बार सस्ती लोकप्रियता के लिए जनता को गुमराह करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि सांसद द्वारा दी गई गलत सूचना के कारण कांवरियों और स्थानीय लोगों में भय और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे यात्रा व्यवस्था पर भी असर पड़ा।
जनप्रतिनिधियों को संयम की आवश्यकता: फुरकान
फुरकान अंसारी ने जोर देते हुए कहा कि,
“ऐसे संवेदनशील मामलों में सत्य और संयम से बयान देना प्रत्येक जनप्रतिनिधि का नैतिक दायित्व होता है। झूठी और बढ़ा-चढ़ाकर दी गई जानकारी शोक संतप्त परिवारों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा है।”
सांसद से माफी की मांग
पूर्व सांसद ने निशिकांत दुबे से अपील की है कि वे अपने बयान को तुरंत संशोधित करें और सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगें। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर झूठी खबर फैलाने की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई।













