Jharkhand: मंदिर पहुंचने पर उन्हें पहले प्रशासनिक भवन ले जाया गया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने विधिवत संकल्प लिया। उनके पुश्तैनी तीर्थ पुरोहित दानी नरौने और उनके सहयोगियों ने पूजा विधि संपन्न कराई।
इसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें बाबा मंदिर के गर्भगृह में ले जाया गया, जहां उन्होंने करीब सात मिनट तक भगवान शिव की आराधना की। मंदिर परिसर में उनके आगमन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
“मन की शांति के लिए पुरानी इच्छा थी”
पूजा के बाद Gautam Adani ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा-अर्चना करना उनकी पुरानी इच्छा थी। उन्होंने कहा,
“मन की शांति के लिए यहां आना चाहता था। बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा कर मैं खुद को सौभाग्यशाली महसूस कर रहा हूं। मैंने झारखंड और देशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।”
पूजा-अर्चना के उपरांत जिला खेल पदाधिकारी सह बाबा मंदिर के सहायक प्रभारी संतोष कुमार द्वारा उन्हें बाबा भोले का प्रतीक चिह्न भेंट किया गया। उनके साथ निजी सुरक्षा कर्मी भी मौजूद रहे।
पीरपैंती ताप विद्युत परियोजना का करेंगे दौरा
देवघर में दर्शन-पूजन के बाद Gautam Adani पीरपैंती स्थित ताप विद्युत परियोजना स्थल का दौरा भी करेंगे। इस परियोजना के तहत 2,400 मेगावाट क्षमता का कोयला आधारित (सुपर क्रिटिकल) बिजली संयंत्र स्थापित किया जा रहा है।
यह परियोजना Adani Power द्वारा विकसित की जा रही है, जिसमें 800 मेगावाट की तीन इकाइयां (3×800 मेगावाट) शामिल हैं। लगभग 21,400 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह प्लांट झारखंड के प्रमुख ऊर्जा प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है।
इस परियोजना के शुरू होने से राज्य में बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है बाबा वैद्यनाथ मंदिर
देवघर स्थित बाबा वैद्यनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह स्थल शिव के तेजस्वी स्वरूप का प्रतीक माना जाता है और देशभर से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह स्थल 51 शक्तिपीठों में भी शामिल है और शिव-शक्ति के दिव्य संगम का प्रतीक है। यही कारण है कि बाबा बैद्यनाथ धाम न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।












