Gold Price Today : भारत में सोने और चांदी की कीमतों में हाल के दिनों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद अब सोना करीब ₹2.46 लाख प्रति 100 ग्राम तक टूट चुका है। निवेशक अब यह जानना चाहते हैं कि गिरावट के पीछे असली कारण क्या हैं और आगे क्या रुख रह सकता है।
आज का गोल्ड रेट (19 फरवरी)
- 24 कैरेट सोना: ₹15,420 प्रति ग्राम
- 22 कैरेट सोना: ₹14,135 प्रति ग्राम
- 18 कैरेट सोना: ₹11,565 प्रति ग्राम
29 जनवरी को 24 कैरेट सोना ₹17,80,000 प्रति 100 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर था, जो अब घटकर ₹15,42,000 प्रति 100 ग्राम रह गया है।
चांदी का रेट
- चांदी: ₹260 प्रति ग्राम
- ₹2,60,000 प्रति किलोग्राम
गिरावट के पीछे की बड़ी वजहें – आसान भाषा में समझिए
1 अमेरिकी डॉलर में मजबूती
जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगा हो जाता है। चूंकि सोना डॉलर में ट्रेड होता है, इसलिए डॉलर की मजबूती से अन्य देशों के खरीदारों की मांग घटती है। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।
2 ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता
अमेरिकी फेडरल रिजर्व अगर ब्याज दरें ऊंची रखता है, तो निवेशक सोने की बजाय बॉन्ड या फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में पैसा लगाना पसंद करते हैं, क्योंकि वहां ब्याज मिलता है। सोना ब्याज नहीं देता, इसलिए ऊंची दरें इसके लिए नकारात्मक मानी जाती हैं।
3 मुनाफावसूली (Profit Booking)
जनवरी में सोने में तेज उछाल आया था। रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद कई निवेशकों ने मुनाफा बुक किया। जब बड़े निवेशक बिकवाली करते हैं, तो कीमतों में तेजी से गिरावट आती है।
4 ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतें अन्य आर्थिक संकेतकों से प्रभावित होती हैं। चीन जैसे बड़े बाजारों में सट्टा कारोबार पर सख्ती और कम ट्रेडिंग वॉल्यूम ने भी कीमतों पर दबाव बनाया।
5 अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर नजर
फेडरल रिजर्व की मीटिंग मिनट्स, PCE प्राइस इंडेक्स और इंडस्ट्रियल आउटपुट जैसे आंकड़े तय करेंगे कि आगे ब्याज दरों का रुख क्या रहेगा। इन आंकड़ों से बाजार की दिशा प्रभावित हो सकती है।
क्या यह खरीद का मौका है?
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट ट्रेंड बदलने का संकेत नहीं, बल्कि करेक्शन हो सकता है।
अगर आने वाले महीनों में ब्याज दरों में कटौती के संकेत मिलते हैं, तो सोना दोबारा तेजी पकड़ सकता है।
हालांकि, अल्पकालिक उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, इसलिए निवेशकों को चरणबद्ध निवेश (SIP या छोटे हिस्सों में खरीद) की रणनीति अपनानी चाहिए।
Disclaimer:
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। वेबसाइट किसी भी निवेश निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं होगी।












