Jharkhand News: झारखंड अब हेल्थकेयर और पर्यावरणीय नवाचार के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने की दिशा में अग्रसर हो चुका है। सिंगापुर-पंजीकृत क्लीन-टेक कंपनी AUSTIN Hospital & Services राज्य में न सिर्फ़ मेडिकल वेस्ट का सुरक्षित और टिकाऊ निपटान करेगी, बल्कि रांची में 2200 बेड का विश्व-स्तरीय सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल भी स्थापित करने जा रही है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस साझेदारी की घोषणा करते हुए कहा कि AUSTIN के साथ मिलकर झारखंड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा, “हम इस परियोजना को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और जनता को उच्चतम स्तर की स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है।”
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क्या है योजना?
झारखंड प्रतिदिन औसतन 13 टन बायोमेडिकल वेस्ट उत्पन्न करता है, जिसका एक बड़ा हिस्सा अब तक असुरक्षित रूप से फेंका जा रहा है। AUSTIN कंपनी प्लाज़्मा पायरोलिसिस और वेस्ट-टू-एनर्जी तकनीकों के माध्यम से इस कचरे को ऊर्जा में बदलेगी, जिससे न सिर्फ पर्यावरण की सुरक्षा होगी, बल्कि ऊर्जा उत्पादन और कार्बन क्रेडिट जैसे आर्थिक लाभ भी मिलेंगे।
क्या मिलेगा झारखंड को?
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मेडिकल वेस्ट का सुरक्षित और वैज्ञानिक निपटान
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वेस्ट-टू-एनर्जी से टिकाऊ ऊर्जा उत्पादन
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रांची में 2200 बेड का आधुनिक सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल
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विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
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रोजगार के नए अवसर
कंपनी का विज़न और शर्त
AUSTIN के CEO आंद्रेई कोल्मोगोरोव ने कहा, “हम झारखंड को मेडिकल इनोवेशन और ग्रीन हेल्थकेयर का राष्ट्रीय मॉडल बनाना चाहते हैं। लेकिन हमारी एक ही शर्त है – इस परियोजना को राजनीति से दूर रखा जाए।”
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उन्होंने यह भी जोड़ा कि कंपनी भारत में NCR, रांची और उदयपुर को प्राथमिकता के रूप में देख रही है।
सरकार का समर्थन
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अंसारी ने आश्वासन दिया कि “सरकार पूरी संजीदगी और समर्थन के साथ इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाएगी। जल्द ही विस्तृत बैठक कर योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा।”













