Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड कैबिनेट की बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें राज्य के विकास और जनकल्याण से जुड़े 39 अहम प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। बैठक में शिक्षा, सड़क निर्माण, पोषण योजना और आदिवासी स्वशासन से जुड़े फैसलों पर मुहर लगी।
कैबिनेट ने पेसा कानून (पंचायतों का अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) को कुछ संशोधनों के साथ मंजूरी दी। इसके तहत ग्राम सभाओं को विशेष अधिकार दिए गए हैं और विकास योजनाओं के निर्माण में उनकी निर्णायक भूमिका तय की गई है। अधिसूचना जारी होते ही यह अधिनियम लागू होगा।
पेसा कानून पर ऐतिहासिक फैसला
मंत्रीपरिषद ने पेसा की सभी नियमावलियों को स्वीकृति देते हुए स्पष्ट किया कि:
- ग्राम सभाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
- योजनाओं के निर्माण में ग्राम सभा की अहम भूमिका होगी।
- पारंपरिक ग्राम सभाओं को अधिकार दिए गए हैं।
- सभी ग्राम सभाएं अपनी परंपराओं को नोटिफाई करेंगी।
- अधिसूचना जारी होते ही कानून प्रभावी होगा।
शिक्षा क्षेत्र में बड़ा निर्णय
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में पदों का पुनर्गठन किया गया है। इसके तहत:
- शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक श्रेणी में 38 नए पदों का सृजन होगा।
- इस पर सरकार को लगभग 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय आएगा।
सड़क निर्माण को मिली मंजूरी
राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दो प्रमुख परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई:
- दुमका में 7 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 31 करोड़ रुपये।
- जमशेदपुर में सड़क निर्माण के लिए 41 करोड़ रुपये।
पोषण और कल्याण योजनाएं
- टेक होम राशन योजना के तहत सामग्री आपूर्तिकर्ता की अवधि बढ़ाने को मंजूरी दी गई।
- बाल कल्याण वात्सल्य योजना के लिए मार्गदर्शिका को स्वीकृति प्रदान की गई।
सरकार का फोकस
कैबिनेट के इन फैसलों से साफ है कि सरकार का जोर आदिवासी स्वशासन को मजबूत करने, शिक्षा व्यवस्था के विस्तार, सड़क नेटवर्क सुधार और महिला-बाल कल्याण योजनाओं को गति देने पर है।
बैठक के बाद अधिकारियों ने कहा कि इन निर्णयों से राज्य के विकास को नई रफ्तार मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
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विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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