Jharkhand में नगर निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद अब लोगों की नजरें मतगणना और परिणाम पर टिकी हैं। 27 और 28 फरवरी को मतगणना के बाद कई नगर निगमों में नई नगर सरकार का चेहरा साफ हो जाएगा। इसके साथ ही लगभग छह वर्षों के अंतराल के बाद नया नगर निगम बोर्ड गठित होगा।
नवनिर्वाचित पार्षदों के शपथ ग्रहण के बाद डिप्टी मेयर का चुनाव किया जाएगा। लंबे समय के बाद बनने जा रहे इस बोर्ड से शहरवासियों को बेहतर सफाई व्यवस्था, सुचारु पेयजल आपूर्ति, सड़क मरम्मत, जलनिकासी और शहरी विकास कार्यों में तेजी की उम्मीद है।
इसी बीच नगर निगम जनप्रतिनिधियों के मानदेय (सैलरी) को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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Jharkhand Mayor Salary: कितनी मिलती है सैलरी?
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार:
- मेयर को ₹10,000 प्रतिमाह मानदेय
- डिप्टी मेयर को ₹10,000 प्रतिमाह मानदेय
- पार्षद (Ward Councillor) को ₹7,000 प्रतिमाह मानदेय
इसके अतिरिक्त मेयर और डिप्टी मेयर को नगर निगम की ओर से आधिकारिक कार्यों के लिए वाहन सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह राशि वेतन (Salary) नहीं बल्कि मानदेय (Honorarium) के रूप में दी जाती है।
मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव क्यों अटका?
पिछली नगर निगम बोर्ड बैठक में मेयर और डिप्टी मेयर का मानदेय बढ़ाकर ₹15,000 तथा पार्षदों का मानदेय ₹10,000 प्रतिमाह करने का प्रस्ताव लाया गया था। प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए नगर विकास विभाग को भेजा गया, लेकिन विभागीय मंजूरी नहीं मिल सकी।
इसी बीच बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हो गया और मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव लंबित रह गया।
पूर्व पार्षदों की क्या है मांग?
कई पूर्व पार्षदों का कहना है कि वर्तमान मानदेय उनकी जिम्मेदारियों की तुलना में काफी कम है। उनका तर्क है कि नगर निगम के एक सफाई कर्मी का मासिक वेतन 12 से 14 हजार रुपये तक होता है, जबकि जनप्रतिनिधियों को इससे भी कम मानदेय मिलता है।
कुछ पूर्व जनप्रतिनिधियों ने इसे न्यूनतम वेतन के मानकों के अनुरूप नहीं बताया और मानदेय में यथोचित वृद्धि की मांग की है।
जनता को क्या उम्मीद?
नया नगर निगम बोर्ड गठन के बाद सबसे बड़ी चुनौती शहर की मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करना होगी। चुनाव के दौरान भी सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और स्वच्छता जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
अब देखना होगा कि नई नगर सरकार विकास कार्यों को किस गति से आगे बढ़ाती है और क्या मानदेय वृद्धि का प्रस्ताव फिर से जीवित किया जाता है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
वे विशेष रूप से कोयलांचल, BCCL, कोलियरियों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्थानीय प्रशासन और जनहित के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते हैं।
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