How to file a patent: यदि आपके पास कोई नई विचार या फिर कोई अविष्कार है जो दुनिया बदल सकता है या फिर कोई नई इनोवेशन ला सकती है तो उसे सुरक्षित रखना आपका अधिकार है। इस आईडिया को संभालकर रखना बहुत जरुरी है नहीं तो वह आइडिया चोरी हो सकती है। इन्हीं आइडिया को ‘पेटेंट’ (Patent) करवाना बहुत जरुरी हो जाता है।
यदि आसान शब्दों में कहें तो, पेटेंट वह कानूनी अधिकार है जो सरकार आपको आपके आविष्कार पर देती है, ताकि कोई और उसे चुरा न सके या बिना आपकी अनुमति के बेच न सके।
How to file a patent: जाने पेटेंट फाइल कैसे करे
पेटेंट सर्च (सबसे जरूरी कदम)
पेटेंट शपथ लेने से पहले तैयारी बहुत ही जरूरी है। इसके लिए सबसे पहले आपको सरकारी वेबसाइट (IP India) पर जाकर सर्च करना होगो कि क्या आपके जैसा आविष्कार पहले से तो देश में रजिस्टर नहीं है। यदि रजिस्टर है तो आप उसमें कुछ बदलाव करके फिर से अप्लाई कर सकते हैं। इसे ‘प्रायर आर्ट सर्च’ कहते हैं। इससे आपका समय और पैसा दोनों बचेंगे।
Read More-Big Breaking : कैबिनेट की बैठक खत्म, इन 30 प्रस्तावों पर लगी मुहर
आवेदन की तैयारी (Provisional vs Complete)
यदि आपको लगता है कि आपका काम अभी पूरा नहीं हुआ है, चल ही रहा है अगर आपको शक है कि कोई आपका आईडिया को चुरा ना ले, तो आप ‘प्रोविजनल पेटेंट’ फाइल कर सकते हैं। इससे आपको होगा यहा कि इसके जरिए 12 महीने का समय देता है जिससे कि आपका अविष्कार सुरक्षित रहे। अगर आपका आविष्कार पूरी तरह तैयार हो जाता है तो आप सीधे ‘कम्पलीट स्पेसिफिकेशन’ (Form-1 और Form-2) भरें।
How to file a patent: आवेदन दाखिल करना (Filing)
आप ऑनलाइन (e-filing) या ऑफलाइन तरीके से पेटेंट ऑफिस (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई) में आवेदन कर सकते हैं। पेटेंट कराने से पहले आपको कुछ जरूरी फॉर्म भरने होंगे जिसमें आपके आविष्कार का पूरा विवरण, डायग्राम और काम करने का तरीका लिखा होता है।
पब्लिकेशन और एग्जामिनेशन
आवेदन के करीब 18 महीने बाद सरकार इसे अपने जर्नल में प्रकाशित करती है। जिसके बाद आपको ‘रिक्वेस्ट फॉर एग्जामिनेशन’ (RFE) दाखिल करना होता है। दाखिल करने के बाद एक सरकारी अधिकारी (Exmaminer) आपके दावे की गहनता से जांच करता है कि क्या यह वाकई अनोखा है। क्या इससे पहले भी किसी ने यह किया है।
Read More-Breaking News: बेड़ो थाने का दारोगा 10 हजार घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार-एसीबी का बड़ा एक्शन
How to file a patent: आपत्तियों का जवाब देना (FER)
यदि आपके दावे में किसी भी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है तो सरकारी अधिकारी कुछ आपत्तियां जता सकते हैं (जिसे First Examination Report कहते हैं)। हालांकि यह घबराने की बात नहीं है। यह एक प्रक्रिया का हिस्सा होता है। आपको और आपके वकील को यह साबित करना होता है कि आपका आविष्कार दूसरों से कैसे अलग और बेहतर है।
पेटेंट का मिलना (Grant)
अगर आप अधिकारी को अपना किया हुआ दावा साबित करने में सफल होते हैं तो फिर आपको उनके द्वारा ‘पेटेंट ग्रांट’ कर दिया जाता है। अब अगले 20 सालों तक उस आविष्कार के राजा आप हैं।
How to file a patent: जान ले कुछ जरूरी बातें
-
गोपनीयता: पेटेंट फाइल करने से पहले अपने आविष्कार को किसी सार्वजनिक मंच या सोशल मीडिया पर न दिखाएं।
-
खर्चा: सरकारी फीस व्यक्तिगत आवेदक के लिए कम होती है (करीब ₹1600 से शुरू), लेकिन कंपनियों के लिए यह ज्यादा हो सकती है। प्रोफेशनल वकील की फीस अलग होती है।
-
समय: पूरी प्रक्रिया में 2 से 4 साल का समय लग सकता है, लेकिन ‘एक्सपीडाइटेड एग्जामिनेशन’ के जरिए इसे तेज भी किया जा सकता है।













