राजधानी Delhi में स्कूलों के भीतर बढ़ती “Reel Culture” पर रोक लगाने के लिए Delhi Government ने बड़ा फैसला लिया है। Directorate of Education (DoE) द्वारा जारी निर्देश में साफ कहा गया है कि Class के दौरान छात्र, शिक्षक और स्टाफ किसी भी तरह के Reel या शॉर्ट वीडियो नहीं बनाएंगे।
क्या है नया निर्देश?
25 मार्च 2026 को जारी सर्कुलर में DoE ने कहा कि स्कूल परिसरों में मनोरंजन के लिए वीडियो बनाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। ऐसे में सभी स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि क्लास टाइम के दौरान इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
पढ़ाई पर असर को लेकर चिंता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि रील्स और शॉर्ट वीडियो बनाना पढ़ाई के माहौल को प्रभावित करता है। इससे छात्रों का ध्यान भटकता है और टीचिंग-लर्निंग प्रोसेस बाधित होता है। इसलिए ऐसी किसी भी गतिविधि को तुरंत रोका जाना जरूरी है।
क्या मिलेगा छूट?
निर्देश में यह भी कहा गया है कि अकादमिक, सांस्कृतिक या जागरूकता से जुड़े वीडियो बनाए जा सकते हैं। लेकिन इसके लिए पहले स्कूल प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होगा और यह काम किसी शिक्षक की निगरानी में ही किया जाएगा।
स्कूलों को दी गई जिम्मेदारी
स्कूल के प्रिंसिपल और हेड्स को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि इन नियमों का सख्ती से पालन हो। अगर कोई उल्लंघन होता है तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
‘डेकोरम और गरिमा’ बनाए रखने पर जोर
DoE ने अपने निर्देश में कहा है कि स्कूलों की गरिमा और अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है। कोई भी ऐसी गतिविधि जो संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाए, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सोशल मीडिया बनाम शिक्षा: संतुलन जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला डिजिटल लाइफ और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाने की दिशा में अहम कदम है। जहां तकनीक शिक्षा को बेहतर बना सकती है, वहीं उसका गलत इस्तेमाल छात्रों के फोकस और प्राइवेसी दोनों को प्रभावित कर सकता है।













