रांची। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त 2025 से शुरू हो गया है, जो 7 अगस्त तक चलेगा। इस सत्र में कुल 5 कार्य दिवस होंगे। एक दिन पहले 31 जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसमें पहली बार नेता प्रतिपक्ष के रूप में बाबूलाल मरांडी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का फोकस: “किसानों की बात होनी चाहिए”
बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में हुई भारी बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। ऐसे में मानसून सत्र में किसानों की समस्या को प्रमुखता दी जानी चाहिए। इस पर सभी दलों के विधायकों ने सहमति जताई।
संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि भदई फसल और मक्का को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। वहीं जेएलकेएम विधायक जयराम महतो ने किसानों पर दो घंटे की विशेष चर्चा कराने की मांग की, जिसे नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी समर्थन दिया।
इस विशेष चर्चा को 6 अगस्त को कराने पर आज कार्यमंत्रणा की बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा।
मानसून सत्र का पूरा शेड्यूल यहां देखें:
- 1 अगस्त (गुरुवार): राज्यपाल की सहमति प्राप्त विधेयक सदन में प्रस्तुत किए जाएंगे, साथ ही दिवंगत विभूतियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
- 4 अगस्त (सोमवार): वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।
- 5 अगस्त (मंगलवार): प्रश्नकाल और अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी।
- 6 अगस्त (बुधवार): प्रश्नकाल, राजकीय विधेयकों पर चर्चा, और संभावित रूप से किसानों के मुद्दे पर विशेष चर्चा।
- 7 अगस्त (गुरुवार): प्रश्नकाल, राजकीय विधेयक और गैर सरकारी संकल्पों पर चर्चा।
क्यों है यह सत्र खास?
- पहली बार बाबूलाल मरांडी नेता प्रतिपक्ष के रूप में भाग ले रहे हैं।
- किसानों की स्थिति पर होगी विशेष चर्चा।
- अनुपूरक बजट से सरकार की प्राथमिकताओं का पता चलेगा।











