Jharkhand: झारखंड में उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार और स्थानीय समुदाय के अधिकारों की रक्षा को लेकर एक बार फिर आवाज उठाई गई है। मंगलवार को कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री बंधु तिर्की के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल सह कुलाधिपति को ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के अंगीभूत कॉलेजों में इंटरमीडिएट का नामांकन जारी रखने, और विश्वविद्यालयों में झारखंड के आदिवासी एवं मूलवासी शिक्षकों को कुलपति नियुक्त करने की मांग प्रमुख रूप से रखी।
प्रमुख मांगें:
- इंटरमीडिएट नामांकन जारी रखने की मांग:
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से आग्रह किया कि ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों की सुविधा, आधारभूत ढांचे की कमी और शिक्षकों की वर्तमान स्थिति को देखते हुए कुछ वर्षों के लिए अंगीभूत कॉलेजों में इंटरमीडिएट नामांकन को जारी रखा जाए।
ऐसा नहीं होने पर वर्षों से कार्यरत शिक्षक व कर्मी बेरोजगार हो सकते हैं। - आदिवासी व स्थानीय शिक्षकों को कुलपति नियुक्त करने की मांग:
प्रतिनिधियों ने कहा कि झारखंड के विश्वविद्यालयों में स्थानीय आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व बहुत कम है।
विश्वविद्यालय शिक्षकों की प्रोन्नति प्रक्रिया तेज करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया ताकि प्रशासनिक पदों पर झारखंडी शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। - चांसलर पोर्टल की समीक्षा और ऑफलाइन नामांकन की मांग:
प्रतिनिधियों ने कहा कि विश्वविद्यालय नामांकन की ऑनलाइन प्रक्रिया ग्रामीण छात्रों के लिए कठिन हो रही है।
इसलिए ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन प्रक्रिया भी शुरू की जाए और चांसलर पोर्टल की समीक्षा की जाए।
राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख सदस्य:
- शांतनु मिश्रा
- रमा खालखो
- शिवराम
- रमेश महली
- मंगाल उरांव
- करमा उरांव
- मोहम्मद जमील
- मोहम्मद सिद्दीकी











