कोडरमा: झारखंड में करीब 10 साल के लंबे इंतजार के बाद आयोजित हो रही शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) के दौरान कोडरमा में एक अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिल सका। गिरिडीह जिले के सरिया से आईं प्रीति कुमारी सुबह 9:20 बजे झुमरी तिलैया स्थित महात्मा गांधी उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पहुंचीं। निर्धारित समय के बाद पहुंचने के कारण उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली।
20 मिनट की देरी से छूटा JTET का एग्जाम
जानकारी के मुताबिक, परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों का प्रवेश सुबह 7 बजे से शुरू हुआ था। सुबह 9 बजे के बाद प्रवेश बंद कर दिया गया। इसी दौरान प्रीति कुमारी केंद्र पहुंचीं और परीक्षा में शामिल होने के लिए गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों से गुहार लगाई।
प्रीति ने अंदर जाने की काफी कोशिश की, लेकिन निर्धारित समय का हवाला देते हुए उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। आखिरकार उन्हें परीक्षा केंद्र के बाहर से ही वापस लौटना पड़ा।
सुबह 6 बजे मिली परीक्षा की जानकारी, 60 KM किया सफर
प्रीति कुमारी के मुताबिक, उन्हें शनिवार सुबह करीब 6 बजे अपने एक सहयोगी से परीक्षा की जानकारी मिली थी। इसके बाद वह तुरंत तैयार हुईं और अपने पति के साथ मोटरसाइकिल से परीक्षा केंद्र के लिए रवाना हो गईं।
उन्होंने गिरिडीह जिले के सरिया से करीब 60 किलोमीटर की दूरी तय की, लेकिन परीक्षा केंद्र पहुंचने में 20 मिनट की देरी हो गई। इस वजह से वह परीक्षा में शामिल नहीं हो सकीं।
तीन साल से कर रही थीं परीक्षा की तैयारी
प्रीति कुमारी ने बताया कि वह पिछले तीन साल से JTET परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। लंबे इंतजार के बाद परीक्षा में शामिल होने का मौका मिला था, लेकिन थोड़ी सी देरी के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर गया।
परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलने के बाद प्रीति भावुक हो गईं और रोने लगीं। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को परीक्षा से जुड़ी जानकारी समय पर मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक, इतनी मेहनत के बाद परीक्षा में शामिल होने से वंचित रह जाना बेहद दुखद है।
परीक्षा केंद्र के बाहर पति ने संभाला
परीक्षा में शामिल नहीं हो पाने से निराश प्रीति को उनके पति ने परीक्षा केंद्र के बाहर समझाया-बुझाया। इसके बाद वह उन्हें अपने साथ वापस ले गए।
झारखंड में लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रही JTET परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में काफी उम्मीदें थीं। ऐसे में 60 किलोमीटर दूर से परीक्षा देने पहुंचीं प्रीति के लिए प्रवेश नहीं मिलना निराशाजनक रहा। तीन साल की तैयारी के बावजूद वह परीक्षा में शामिल नहीं हो सकीं।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।









