Jharkhand News: झारखंड की सियासत में नगर निकाय चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। राजधानी रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर मंथन किया। बैठक का मुख्य एजेंडा लंबे समय से लंबित पड़े नगर निकाय चुनाव रहे।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार की मंशा नगर निकाय चुनाव कराने की नहीं दिखती, इसलिए कभी तकनीकी तो कभी प्रशासनिक बहानों के जरिए चुनाव को टाला जा रहा है। मरांडी ने आरोप लगाया कि चुनाव नहीं होने से शहरी क्षेत्रों में जनता की रोजमर्रा की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं और चुने हुए जनप्रतिनिधियों के अभाव में नगर निकायों में अफसरशाही हावी हो गई है।
Jharkhand News: सभी 49 नगर निकायों में जल्द चुनाव कराए
उन्होंने मांग की कि राज्य के सभी 49 नगर निकायों-नगर पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम में जल्द से जल्द चुनाव कराए जाएं। भाजपा की राय है कि ये चुनाव दलीय आधार पर और ईवीएम के जरिए होने चाहिए। मरांडी ने कहा कि राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े कार्यकर्ताओं को चुनाव में मौका मिलने से जनता की समस्याएं बेहतर तरीके से समझी जा सकेंगी और समाधान भी जमीन पर दिखेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक ईवीएम से चुने जा सकते हैं, तो नगर निकाय चुनाव इससे अलग क्यों हों। भाजपा ने घोषणा की कि इन मांगों को लेकर नए साल की शुरुआत में 5, 6 और 7 जनवरी को राज्यभर के नगर निकाय क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
Jharkhand News: जी राम जी योजना को लेकर कांग्रेस पर निशाना
इसी बैठक में भाजपा प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने जी राम जी योजना को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस योजना का विरोध तुष्टीकरण की राजनीति से प्रेरित है। साहू के मुताबिक, यह योजना ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है, जिसमें पारदर्शिता, जियो-टैगिंग और नियमित ऑडिट जैसे प्रावधान शामिल हैं।
उन्होंने दावा किया कि योजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। भाजपा ने साफ किया कि पार्टी कार्यकर्ता आने वाले दिनों में जी राम जी योजना के समर्थन में जन-जागरूकता अभियान चलाएंगे और इसके लाभ लोगों तक पहुंचाएंगे।
यह बैठक साफ संकेत देती है कि आने वाले दिनों में झारखंड में नगर निकाय चुनाव और ग्रामीण योजनाओं को लेकर राजनीतिक माहौल और गर्म होने वाला है।












