Dhanbad: जिले में मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) से पहले चल रहा प्री-SIR तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिले के छह विधानसभा क्षेत्रों में तैनात 2372 बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन कर रहे हैं।
जिला निर्वाचन शाखा के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इस समय वोटर लिस्ट मैपिंग का काम चल रहा है, जिसमें 2003 की मतदाता सूची को आधार बनाकर वर्तमान मतदाता सूची का मिलान किया जा रहा है।
तीन चरणों में हो रही वोटर सूची की मैपिंग
1. पहली मैपिंग
- वर्ष 2003 की मतदाता सूची का वर्तमान सूची से मिलान।
2. दूसरी मैपिंग
- 2025 की वोटर लिस्ट को पाँच श्रेणियों में बांटकर मैपिंग की गई।
3. तीसरी मैपिंग (चल रही है)
- बीएलओ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन सत्यापन।
- वर्तमान और 2003 की सूची को टैग किया जा रहा है।
- मैपिंग पूरी होते ही ऐप में ग्रीन सिग्नल दिखाई देगा।
धनबाद में 45% ऑनलाइन मैपिंग पूरी
उप निर्वाचन पदाधिकारी कालिदास मुंडा ने बताया कि तीसरी मैपिंग तेजी से चल रही है और अब तक 45% मतदाताओं की ऑनलाइन मैपिंग पूरी हो चुकी है।
निर्वाचन शाखा का लक्ष्य है कि दिसंबर के मध्य तक 90–95% मैपिंग कार्य पूरा कर लिया जाए।
जिन मतदाताओं की प्री-SIR में मैपिंग नहीं हो पाएगी, उन्हें SIR के दौरान सत्यापन का मौका मिलेगा।
प्री-SIR में तैनात 2372 BLO की कड़ी मॉनिटरिंग
- जिले में कुल 2372 बीएलओ प्री-SIR कार्य में लगे हैं।
- उनकी मॉनिटरिंग के लिए
- 20 AERO (असिस्टेंट इलेक्ट्रोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर)
- 6 ERO (इलेक्ट्रोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर)
को जिम्मेदारी दी गई है।
- जिला निर्वाचन कार्यालय भी लगातार निगरानी कर रहा है।
उप निर्वाचन पदाधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे बीएलओ से संपर्क कर अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य सत्यापित कराएं।
क्या है SIR (Special Intensive Revision)?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविजन भारत निर्वाचन आयोग की एक विशेष प्रक्रिया है, जिसमें—
- घर-घर जाकर बड़े पैमाने पर सत्यापन,
- डुप्लीकेट, मृत और फर्जी वोटरों को हटाया जाता है,
- नए योग्य मतदाताओं को शामिल किया जाता है,
- मतदाता सूची को अधिक सटीक, विश्वसनीय और अद्यतन बनाया जाता है।
प्री-SIR उसी प्रक्रिया का पहला चरण है, जिसमें मैपिंग और ऐप-आधारित सत्यापन होता है।
अधिकारी का बयान
“प्री-SIR के दौरान बीएलओ ऐप के जरिए सत्यापन कराया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि किसी भी वैध मतदाता का नाम न हटे और न ही कोई छूटे।”
— कालिदास मुंडा, उप निर्वाचन पदाधिकारी, धनबाद













