Jharkhand News: घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपये की बढ़ोतरी कर केंद्र की भाजपा सरकार ने एक बार फिर देश की गरीब, मध्यम वर्गीय और मेहनतकश जनता पर महंगाई का भारी बोझ डाल दिया है। जिस समय आम लोग पहले से ही बढ़ती महंगाई से परेशान हैं, उस समय यह फैसला सीधे तौर पर जनता की रसोई पर हमला है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि खुद केंद्र सरकार और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने हाल ही में साफ कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को भी खारिज किया है, जिनमें देश में ईंधन की कमी का दावा किया जा रहा था, और इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताओं के बावजूद भारत क्रूड ऑयल, पेट्रोलियम उत्पाद और एलपीजी की सप्लाई के मामले में “बहुत आरामदायक स्थिति” में है। देश के पास कई स्रोतों से पर्याप्त ऊर्जा आपूर्ति उपलब्ध है, जो संभावित बाधाओं से कहीं अधिक है।
Jharkhand News: महंगाई का बोझ जनता पर डाल रही भाजपा
ऐसी स्थिति में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और सप्लाई भी पर्याप्त है, तो फिर रसोई गैस की कीमतों में यह बढ़ोतरी क्यों की गई? इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा सरकार आम जनता की परेशानी की परवाह किए बिना लगातार महंगाई का बोझ उन पर डाल रही है।
रसोई गैस महंगी होने से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की रसोई पर सीधा असर पड़ेगा। वहीं कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ेगी, जिसका असर अंततः आम उपभोक्ताओं की जेब पर ही पड़ेगा।
भाजपा ने सत्ता में आने से पहले महंगाई कम करने और जनता को राहत देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज हकीकत यह है कि पेट्रोल, डीजल, गैस और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
मैं केंद्र की भाजपा सरकार से मांग करता हूं कि रसोई गैस की बढ़ाई गई कीमतों को तुरंत वापस लिया जाए और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। देश की जनता अब सब कुछ देख और समझ रही है और समय आने पर इसका लोकतांत्रिक तरीके से जवाब भी देगी।












