Jharkhand News: झारखंड के चाईबासा जिले में सुरक्षाबलों द्वारा नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन मेधा बुरु में 17 नक्सलियों को मार गिराया गया है। जिसमें 2.50 करोड़ का ईनामी नक्सली पतिराम मांझी उर्फ अनल दा भी शामिल है।
इस कामयाबी के बाद जहां सुरक्षा बल के जवान इसे बड़ी कामयाबी बता रहे है। तो वही दूसरी तरफ माओवादियों के द्वारा फर्जी बताया जा रहा है। इसी सिलसिले में माओवादी प्रवक्ता के द्वारा एक ऑडियो भी जारी किया गया है, जहां प्रवक्ता आजाद के द्वारा 22 जनवरी को हुए मुठभेड़ को फर्जी बताया गया है।
Jharkhand News: कार्रवाई में संगठन को बड़ा नुकसान
ऑडियो में माओवादी प्रवक्ता ने दावा किया है कि 22 जनवरी 2026 कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और जिला पुलिस के द्वारा सारंडा के बहुदा और कुमडीह में जिस प्रकार हमला किया गया है, अंधाधुंध फायरिंग की गई।
लेकिन यह किसी प्रकार का कोई मुठभेड़ नहीं था बल्कि जीपीएस ट्रैकर और खाद्य सामग्री में जहर मिलने जैसे साजिश के जरिए अंजाम दी गई एक हत्या है, न कि हमला। इसके साथ ही माओवादी प्रवक्ता ने स्वीकार किया है कि इस कार्रवाई में उनके संगठन को बड़ा नुकसान हुआ है।
इसके साथ ही ऑडियो में यह कहा गया है कि सुरक्षा बल के द्वारा पहले भी इस तरह की फर्जी कार्रवाइयां कर चुकी है। पुलिस सीधे लड़ने के बजाय राशन में जहर मिलने और जीपीएस का सहारा ले रही है। साथ ही यह दावा किया गया है पुलिस के पास अभी भी उनके तीन साथी हिरासत में है, जिनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है।












