Jharkhand News: देवघर एम्स से जुड़े एक मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था की संवेदनशीलता पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। देर रात बसनली गांव से आई एक फोन कॉल ने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी। एक महिला की घबराई हुई आवाज़ में सिर्फ एक ही गुहार थी-उसके पति की हालत बेहद नाजुक है और मदद की सख्त जरूरत है। यह फोन झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के पास पहुंचा और उन्होंने बिना एक पल गंवाए अपना तय कार्यक्रम रद्द कर दिया।
New Year Alert: जल्दी करिए-कार हो गया 2 लाख तक सस्ता! 31 दिसंबर से पहले कर ले ये काम नहीं तो…
Jharkhand News: गरीब आदिवासी परिवार से है मरीज
रात के अंधेरे में ही डॉ. इरफान अंसारी बसनली गांव पहुंचे। वहां उन्होंने खुद मरीज की स्थिति देखी, जांच की और परिजनों से पूरी जानकारी ली। बातचीत में यह सामने आया कि मरीज एक गरीब आदिवासी परिवार से है, जिसे पहले इलाज के लिए एम्स देवघर भेजा गया था, लेकिन वहां से उसे बिना इलाज के रिम्स रेफर कर दिया गया। परिजनों के अनुसार, उम्मीद लेकर एम्स पहुंचे मरीज को निराश होकर लौटना पड़ा।
Read More-Breaking News: रांची में ठंड का कहर, नर्सरी से 12वीं तक की कक्षाएं इस दिन तक स्थगित
इस बात ने स्वास्थ्य मंत्री को गहरी चिंता में डाल दिया। उन्होंने एम्स प्रबंधन पर नाराजगी जाहिर करते हुए साफ कहा कि एम्स जैसे संस्थान गरीब और जरूरतमंद मरीजों की आखिरी उम्मीद होते हैं। अगर ऐसे मरीजों को बार-बार रेफर किया जाएगा, तो संस्थान की भूमिका और जिम्मेदारी पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि देवघर एम्स की संवेदनशील छवि से कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
Read More-Jharkhand News: एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर ‘हनीट्रैप’: हजारीबाग पुलिस ने दबोचे चार शातिर साइबर ठग
Jharkhand News: यह कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका कर्तव्य है-इरफान अंसारी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉ. इरफान अंसारी ने तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कर मरीज को रांची रेफर कराया। साथ ही, इलाज के खर्च में परिजनों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए आर्थिक सहयोग भी दिया गया। रांची में मरीज के इलाज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
Read More-New Year 2026: आखिर 1 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं नया साल? जाने 4000 साल पुराना ये है इतिहास
इस पूरी मानवीय पहल से गांव का माहौल भावुक हो उठा। ठंडी रात में मंत्री को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने भरोसे और सम्मान के साथ कहा कि उन्हें अब डरने की जरूरत नहीं है। जवाब में डॉ. अंसारी ने कहा कि यह कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका कर्तव्य है। उन्होंने भावुक स्वर में दोहराया कि वे पहले एक डॉक्टर हैं और डॉक्टर का सबसे बड़ा धर्म सेवा है।












