Jharkhand News: रांची स्थित कृषि निदेशालय में उस समय गंभीर मंथन का माहौल दिखा, जब राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह कृषक पाठशाला योजना की विस्तृत समीक्षा की। यह बैठक केवल फाइलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि किसानों तक योजना के वास्तविक असर और जमीनी चुनौतियों पर केंद्रित रही।
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Jharkhand News: दिसंबर माह तक सभी लंबित भुगतानों का निपटारा करे अफसर
मंत्री ने साफ कहा कि कृषक पाठशाला योजना राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों को “देखकर सीखने” की पद्धति से व्यवहारिक ज्ञान देना है। उन्होंने माना कि योजना की सोच मजबूत है, लेकिन इसके सफल क्रियान्वयन के लिए विभागीय समन्वय और प्रक्रियाओं में सरलता बेहद जरूरी है।
बैठक में सामने आया कि कई जगहों पर भुगतान में देरी और प्रक्रियागत अड़चनों के कारण संचालक एजेंसियों को परेशानी हो रही है। इस पर मंत्री ने जिला कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि दिसंबर माह तक सभी लंबित भुगतानों का निपटारा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय पर भुगतान न होना किसानों और प्रशिक्षण व्यवस्था दोनों के लिए नुकसानदायक है।
Jharkhand News: भुगतान से पहले जिला कृषि पदाधिकारी खुद स्थल निरीक्षण कर कार्यों का सत्यापन करे
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने यह भी घोषणा की कि राज्य की चार से पांच बेहतर कृषक पाठशालाओं को चिन्हित कर किसानों और अन्य एजेंसियों के लिए एक्सपोजर विजिट कराई जाएगी, ताकि सफल मॉडलों से सीख ली जा सके। साथ ही अगली समीक्षा बैठक में सभी एजेंसियों को अपनी-अपनी कृषक पाठशालाओं का वीडियो प्रेजेंटेशन लाने का निर्देश दिया गया, जिससे योजनाओं की वास्तविक स्थिति को प्रत्यक्ष देखा जा सके।
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उन्होंने यह भी तय किया कि अब बिल भुगतान से पहले जिला कृषि पदाधिकारी खुद स्थल निरीक्षण कर कार्यों का सत्यापन करेंगे। बैठक में विभागीय सचिव अबू बकर सिद्दीकी, विशेष सचिव गोपाल जी तिवारी, प्रदीप हजारी, कृषि निदेशक भोर सिंह यादव सहित कई अधिकारी और एजेंसी प्रतिनिधि मौजूद रहे।










