Ranchi News: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों के अनुपालन में झारखंड राज्य में 15 अक्टूबर 2025 तक बालू निकासी (Sand Mining) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह रोक पर्यावरण संरक्षण और मानसून के दौरान नदियों की जैव विविधता की रक्षा के लिए लगाई गई है।
राज्य सरकार ने सभी ज़िलों के उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे आदेश का कड़ाई से पालन कराएं और अवैध बालू खनन (Illegal Sand Mining) की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करें।
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अवैध बालू खनन पर होगी कार्रवाई:
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने कहा है कि बालू की अवैध ढुलाई, भंडारण और विक्रय करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों के खिलाफ खनन अधिनियम और पर्यावरण कानूनों के तहत केस दर्ज होंगे।
स्टॉक के लिए मिली सीमित छूट:
कुछ घाटों पर बालू के स्टॉक की अनुमति दी गई है। यह छूट केवल पूर्व में अधिकृत और नीलामी प्रक्रिया से चयनित घाटों पर लागू होगी। स्टॉक संचालन की समय सीमा और सीमाएं पहले से निर्धारित हैं।
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जिन घाटों पर स्टॉक की अनुमति दी गई है:
- लोहरदगा – सेरांग घाट
- लातेहार – कोयल नदी के कुछ चयनित घाट
- चतरा – मोहली, बेलगड़ा, हंटरगंज क्षेत्र
- गुमला – बसिया और सिसई घाट
- पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम – सीमित घाट
(पूरा विवरण खबर में शामिल सूची अनुसार)
आगे की योजना:
राज्य सरकार ने घोषणा की है कि 15 अक्टूबर के बाद घाटों की नई नीलामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं ताकि प्रतिबंध समाप्त होते ही वैध खनन शुरू किया जा सके।












