Jharkhand News: 28 दिसंबर का दिन झारखंड कांग्रेस के लिए खास बन गया, जब पार्टी ने अपना 140वां स्थापना दिवस पूरे राज्य में उत्साह और संगठनात्मक सक्रियता के साथ मनाया। रांची स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी के. राजू की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कांग्रेस का झंडा फहराया और पार्टी के इतिहास, संघर्ष और भविष्य की दिशा पर बात रखी।
प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह दिन कांग्रेस के लिए सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और आगे की रणनीति तय करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि झारखंड के हर गांव और हर घर तक कांग्रेस की विचारधारा पहुंचाने का प्रयास किया गया है। स्थापना दिवस के मौके पर राज्य की हजारों ग्राम पंचायतों और नगर निकायों में झंडोत्तोलन और बैठकों का आयोजन हुआ।
Jharkhand News: पेसा कानून की खुशी में बजे ढोल नगाड़े
कार्यक्रम के दौरान झारखंड में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने में योगदान देने वाले वरिष्ठ नेताओं को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा नए स्वरूप में तैयार की गई “कांग्रेस संदेश” पत्रिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का समापन झारखंड में पेसा कानून लागू होने की खुशी में पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और लोक नृत्य के साथ पेसा उत्सव के रूप में हुआ, जिसने आयोजन को सांस्कृतिक रंग दिया।
के. राजू ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं में बदलाव से ग्रामीण व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। उन्होंने ऐलान किया कि मनरेगा से जुड़े हालिया बदलावों के विरोध में कांग्रेस गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेगी और आने वाले समय में राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास त्याग, बलिदान और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा रहा है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने आजादी से लेकर आधुनिक भारत के निर्माण तक निर्णायक भूमिका निभाई है। झारखंड में आदिवासी, किसान, मजदूर, महिला और युवाओं के अधिकारों के लिए पार्टी का संघर्ष लगातार जारी है।
कार्यक्रम में मंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री, विधायक, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्थापना दिवस का यह आयोजन कांग्रेस के लिए न सिर्फ गौरवशाली अतीत को याद करने का अवसर बना, बल्कि भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने का संकेत भी देता नजर आया।












