Jharkhand News: झारखंड में पूर्व विधायक योगेंद्र साव और समर्थकों द्वारा NTPC के तीन खदानों के उत्पादन को बंद करवा दिया गया है। जिससे राज्य सरकार को अब तक 100 करोड़ रुपए तक का राजस्व का नुकसान झेलना पड़ा है। इस को लेकर NTPC ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की गुहार भी लगाई है, ताकि उत्पाद फिर से शुरु कराया जा सके। इसके अलावा उन्होनें कोयला ढुलाई करने वाले ट्रक ड्राइवर पर भी मारपीट के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
NTPC को पूर्व मंत्री योगेंद्र साव का फैक्ट्री को ध्वस्त करना पड़ा महंगा
Jharkhand News: मामला तब तुल पकड़ा जब NTPC ने कोयला परियोजना के अधिगृहित जमीन पर बना पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया। उसके बाद से कोयला की ढुलाई और उत्पाद को प्रभावित किया जा रहा है। वहीं, पिछले 15 दिनों से चट्टी परियातु और केरेडारी कोयला खदान से उत्पादन योगेंद्र साव और समर्थकों द्वारा किए गए हंगामे के कारण प्रभावित रहा।
तीन खदानों के बंद होने से राज्य सरकार को करोड़ों का नुकसान
Jharkhand News: वहीं, इस तीन खदानों के बंद होने से अब तक राज्य सरकार को कुल 225 करोड़ में से 100 करोड़ का नुकसान हुआ और बाकी नुकसान केंद्र व अन्य राज्य झेलना पड़ा है। इस संदर्भ NTPC ने हजारीबाग के उपायुक्त और SP को पत्र लिखकर इस मामले की शिकायत की है। पत्र में लिखा गया है कि, 50-60 की संख्या में महिला और पुरुष हथियार के साथ खदान क्षेत्र में घुसकर कर्मचारियों को डरा-धमका रहें है। साथ ही उन्होनें उनके साथ गाली-गलौज व मारपीट भी की। इस पत्र में योगेंद्र साव, मोहम्मद रूस्तम, मुन्ना राणा, यशवंत कुमार, अमित कुमार के नाम का वर्णन किया गया है।












