Jharkhand News: राज्य के विभिन्न विद्युत सप्लाई क्षेत्रों में कार्यरत कामगारों के वेतन से बिना पूर्व सूचना के की गई कटौती को लेकर कामगारों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जानकारी के अनुसार गीतराज एजेंसी द्वारा दिसंबर एवं जनवरी माह में काम करने वाले कामगारों के वेतन से लगभग तीन हजार रुपये “ग्रुप इंश्योरेंस” और “एक्सीडेंटल इंश्योरेंस” के नाम पर काट लिए गए हैं। इस कटौती को लेकर राज्य भर के कामगारों में एजेंसी के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने राज्य के सभी सप्लाई एरिया बोर्ड के महाप्रबंधकों (जीएम) को पत्र लिखकर एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने तथा काटी गई राशि को अविलंब कामगारों के खाते में वापस कराने की मांग की है। संघ का कहना है कि किसी भी प्रकार की वित्तीय कटौती करने से पहले कामगारों को इसकी स्पष्ट जानकारी देना तथा उनकी सहमति लेना आवश्यक होता है, लेकिन इस मामले में ऐसा कुछ भी नहीं किया गया।
Jharkhand News: खाते से लगातार पैसे काटना पूरी तरह अनुचित और अस्वीकार्य
संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि बिना किसी सूचना और सहमति के कामगारों के वेतन खाते से लगातार पैसे काटना पूरी तरह अनुचित और अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि मेहनत से कार्य करने वाले श्रमिकों के साथ इस तरह का व्यवहार अन्यायपूर्ण है और इससे कामगारों का मनोबल भी प्रभावित होता है। उन्होंने एजेंसी से यह भी सवाल किया कि आखिर किस आधार पर यह कटौती की गई और इसकी जानकारी कामगारों को पहले क्यों नहीं दी गई।
अजय राय ने कहा कि यदि किसी प्रकार का बीमा या अन्य सुविधा कामगारों के लिए लागू की जाती है, तो उसकी पूरी जानकारी, शर्तें और सहमति लेना अनिवार्य है। लेकिन यहां बिना किसी आधिकारिक सूचना के सीधे वेतन से राशि काट लेना पारदर्शिता और नियमों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रमिक संघ इस मुद्दे को गंभीरता से उठा रहा है और कामगारों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे सोमवार को रांची स्थित महाप्रबंधक (जीएम) से मुलाकात कर पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग करेंगे। साथ ही एजेंसी द्वारा की गई कटौती की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने तथा कामगारों से काटी गई राशि को जल्द से जल्द वापस कराने का आग्रह करेंगे।
झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो संघ राज्यव्यापी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। संघ ने उम्मीद जताई है कि प्रबंधन इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए कामगारों के हित में त्वरित निर्णय करेगा।











