Jharkhand Politics: भाजपा के स्थापना दिवस पर दिए गए बयानों को लेकर सत्ताधारी दल झामुमो की ओर से महासचिव विनोद पांडेय ने तीखा राजनीतिक पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि आज भाजपा अपना स्थापना दिवस मना रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा का कहना है कि भाजपा विश्व की सबसे धनी, संसाधनों से परिपूर्ण पार्टी – स्वाभाविक है कि जश्न भी भव्य होगा।
आज उनके एक बुद्धिजीवी वृद्ध नेता ने कहा: “यह देखकर सच में दुख होता है कि जिस पार्टी की ताकत कभी उसके समर्पित कार्यकर्ता और जमीन से जुड़े नेता हुआ करते थे, आज वही लोग हाशिए पर धकेल दिए गए हैं। आज भाजपा में विचारधारा से ज्यादा “आयातित चेहरे” हावी होते जा रहे हैं। बाहर से आए लोग शीर्ष पर बैठाए जा रहे हैं, और जिन्होंने सालों तक पार्टी को खड़ा किया – उनकी आवाज़ दबाई जा रही है।
Jharkhand Politics: बीजेपी ने वर्षों तक पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया
अपने ही दल के पूर्व मुख्यमंत्रियों, वरिष्ठ नेताओं और वर्षों तक पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर देना-यह सिर्फ भूल नहीं, बल्कि सोच में आए बदलाव का संकेत है”। तो – सवाल यह है कि क्या एक राजनीतिक दल सिर्फ संसाधनों और प्रचार से मजबूत होता है? या फिर उसकी असली ताकत उसके कार्यकर्ताओं, उसके मूल सिद्धांतों और उसकी आंतरिक लोकतांत्रिक संस्कृति में होती है? दुर्भाग्य से, आज जो तस्वीर दिख रही है, उसमें समर्पण की जगह अवसरवाद और संगठन की जगह केंद्रीकरण ने ले ली है। बाहरी प्रभावों ने पार्टी की जड़ों को कमजोर कर दिया है लोकतंत्र में दल सिर्फ चुनाव जीतने का माध्यम नहीं होते, बल्कि विचार और विश्वास का मंच होते हैं। जब वही मंच अपने ही लोगों के लिए संकुचित हो जाए, तो जश्न भले भव्य हो-पर आत्मा कहीं खो जाती है।
विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं के भाषण पूरी तरह से आत्मप्रशंसा से भरा है। जमीनी सच्चाई इससे अलग है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश और राज्य में विकास की बात तो करती है, लेकिन हकीकत में महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है।
उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दूसरों पर हंसने से पहले भाजपा को अपने वादों का हिसाब देना चाहिए। जनता अब भावनात्मक भाषणों से नहीं, बल्कि ठोस काम से जवाब चाहती है।
विनोद पांडेय ने कहा अन्य दलों पर टिप्पणी करना भाजपा की पुरानी रणनीति रही है, लेकिन इससे जनता के असली मुद्दे नहीं छिपाए जा सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियों के कारण आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा, देश में आर्थिक असमानता बढ़ी है और युवाओं के लिए रोज के अवसर सीमित हुए हैं।
झामुमो महासचिव ने कहा कि झारखंड में हमारी सरकार जनहित और स्थानीय मुद्दों पर काम कर रही है। हम जनता के अधिकार, जल-जंगल-जमीन और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध हैं, जबकि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए बयानबाजी कर रही है।








