Ranchi: Jharkhand Rajya Sabha Election 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है। पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद महागठबंधन के उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद कांग्रेस और सहयोगी दलों ने चुनाव परिणामों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने इस अप्रत्याशित हार के पीछे भीतरघात और धनबल के इस्तेमाल की आशंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की है।
56 विधायकों का समर्थन, फिर भी कैसे हार गया महागठबंधन?
शनिवार को कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने दावा किया कि महागठबंधन के पास कुल 56 विधायकों का स्पष्ट समर्थन था। ऐसे में गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही थी। कांग्रेस का कहना है कि उसके सभी विधायकों ने पूरी निष्ठा के साथ पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया, फिर भी हार होना कई सवाल खड़े करता है।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने गठबंधन के भीतर भ्रम और अविश्वास पैदा करने की कोशिश की, जिसका असर चुनाव परिणामों पर देखने को मिला।
कांग्रेस ने लगाया धनबल के इस्तेमाल का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के दौरान धनबल का खुलकर इस्तेमाल किया गया। उनका आरोप है कि भाजपा के “थैलीशाहों” ने राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने का प्रयास किया, जिसके कारण महागठबंधन को नुकसान उठाना पड़ा। पार्टी ने पूरे घटनाक्रम की गहन जांच और समीक्षा की मांग की है।
राधाकृष्ण किशोर बोले- गठबंधन बचाने के लिए विष भी पीना पड़े तो तैयार
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गठबंधन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और उसे कमजोर करने की हर कोशिश नाकाम होगी।
उन्होंने कहा कि यदि गठबंधन को बचाने के लिए विष भी पीना पड़े तो वे इसके लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि महागठबंधन पहले भी एक था, आज भी एक है और भविष्य में भी एकजुट रहेगा।
साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की हालिया टिप्पणियों को अनुचित बताते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील समय में सहयोगी दलों को संयमित बयान देना चाहिए।
मुख्यमंत्री करेंगे पूरे मामले की समीक्षा
महागठबंधन नेताओं के अनुसार मुख्यमंत्री ने भी इस अप्रत्याशित हार का संज्ञान लिया है और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा कराने का निर्णय लिया है। गठबंधन के नेताओं का कहना है कि इस घटना के बाद सभी सहयोगी दलों को राजनीतिक रणनीति पर गंभीरता से विचार करना होगा ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
भाजपा पर कांग्रेस का तंज
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल एक राज्यसभा सीट जीत लेने से भाजपा यह न समझे कि झारखंड की राजनीति उसके नियंत्रण में आ गई है। उनका दावा है कि राज्य की जनता और राजनीतिक आधार आज भी महागठबंधन के साथ है और आगे भी रहेगा।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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