रांची: झारखंड में ग्रामीण कार्य विभाग (Rural Works Department) को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। झारखंड युवा Congress ने विभाग के मुख्य अभियंता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण निविदाएं (टेंडर) 18 महीनों से अधिक समय से लंबित हैं।
युवा कांग्रेस का आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण जैसे जरूरी विकास कार्य इन लंबित निविदाओं की वजह से प्रभावित हो रहे हैं। इससे राज्य के गांवों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है।
18 महीने से लटके टेंडर, जिम्मेदारी तय करने की मांग
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इतनी लंबी अवधि तक टेंडरों का निष्पादन न होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। संगठन ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि देरी के पीछे कौन जिम्मेदार है।
CBI, ED और आयकर विभाग से जांच की मांग
युवा Congress ने मुख्य अभियंता के कार्यकाल में जारी सभी निविदाओं की जांच CBI, ED और आयकर विभाग से कराने की मांग उठाई है। साथ ही, महालेखा परीक्षक (AG) द्वारा स्पेशल ऑडिट कराने की भी बात कही गई है, ताकि संभावित अनियमितताओं का खुलासा हो सके।
Anshu Construction पर भी उठे सवाल
मामले में M/S Anshu Construction को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस कंपनी की निविदाओं पर 180 दिनों के भीतर निर्णय ले लिया जाता है, जबकि अन्य ठेकेदारों के आवेदन तकनीकी आधार पर खारिज कर दिए जाते हैं।
इसको लेकर कंपनी और मुख्य अभियंता के बीच संभावित संबंधों की जांच की मांग की गई है।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
युवा Congress ने यह भी कहा है कि जिन अधिकारियों की वजह से 180 दिनों के भीतर टेंडर निष्पादन नहीं हो पाया, उनकी पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए। प्रत्येक फाइल की जांच कर दोषियों के खिलाफ विकास कार्य बाधित करने का मामला दर्ज करने की मांग की गई है।












