Jharkhand: सितंबर की शुरुआत झारखंड में बारिश के साथ होने वाली है। 1 सितंबर 2026 को राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान में झारखंड के लिए 1 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति को लेकर चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में बने निम्न दबाव वाले सिस्टम का असर पूर्वी भारत के मौसम पर बना हुआ है। इसके प्रभाव से झारखंड में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। 30 और 31 अगस्त को झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई थी, जबकि 1 सितंबर को भी बारिश का असर बना रहने का अनुमान है।
1 सितंबर को Jharkhand में बारिश का दौर जारी
मौसम केंद्र रांची के विस्तारित पूर्वानुमान के अनुसार 28 अगस्त से 3 सितंबर के बीच झारखंड में व्यापक बारिश की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज और बिजली चमकने की गतिविधि भी हो सकती है। पूरे सप्ताह के लिए राज्य में सामान्य से अधिक बारिश रहने का अनुमान लगाया गया है।
यानी 1 सितंबर को बारिश केवल एक-दो इलाकों तक सीमित रहने के बजाय राज्य के कई हिस्सों में देखने को मिल सकती है। हालांकि बारिश की तीव्रता जिले और स्थानीय मौसम प्रणाली के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
रांची समेत इन इलाकों में बदल सकता है मौसम
राजधानी रांची में 1 सितंबर को बादल छाए रहने और बारिश के दौर की संभावना है। इसके अलावा जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, हजारीबाग, गिरिडीह, चतरा, कोडरमा और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम केंद्र रांची के विस्तारित पूर्वानुमान में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश की संभावना बताई गई है। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और आकाशीय बिजली की स्थिति बन सकती है।
तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी के आसार नहीं
बारिश और बादलों की वजह से 1 सितंबर के आसपास झारखंड में तापमान पर भी असर पड़ सकता है। मौसम केंद्र रांची के सप्ताहवार पूर्वानुमान में 28 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान अधिकतम तापमान 27 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है। न्यूनतम तापमान करीब 21 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
इसका मतलब है कि बारिश के दौरान उमस और गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है, हालांकि बारिश रुकने के बाद स्थानीय स्तर पर उमस बनी रह सकती है।
बारिश के पीछे क्या है वजह?
मौसम में इस बदलाव की बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी और उससे सटे इलाकों में बना निम्न दबाव क्षेत्र है। IMD ने 30 अगस्त को बताया था कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तटों पर अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ था, जिसके प्रभाव से गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी थी।
इसके अलावा मानसून ट्रफ भी झारखंड के आसपास सक्रिय मौसम प्रणाली के साथ जुड़ी हुई है। मौसम केंद्र रांची के अनुसार पिछले सप्ताह भी ऐसे सिस्टम के कारण राज्य में व्यापक बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और बिजली गिरने की गतिविधियां दर्ज हुई थीं।
3 सितंबर तक बारिश का असर, आगे भी एक्टिव रह सकता है मानसून
झारखंड के लिए मौसम केंद्र रांची का विस्तारित पूर्वानुमान सिर्फ 1 सितंबर तक सीमित नहीं है। 28 अगस्त से 3 सितंबर के सप्ताह में सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान है। इसके बाद 4 से 10 सितंबर के सप्ताह में भी राज्य में महत्वपूर्ण बारिश की गतिविधियों के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहने और सामान्य से अधिक बारिश होने का पूर्वानुमान दिया गया है।
इससे संकेत मिलता है कि सितंबर की शुरुआत में झारखंड में मानसून पूरी तरह कमजोर होने वाला नहीं है।
किसानों और आम लोगों के लिए क्या सावधानी?
बारिश के साथ आकाशीय बिजली और गरज-चमक का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। तेज बारिश के दौरान वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को खेतों में काम करते समय अचानक बदलते मौसम पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। स्थानीय स्तर पर जारी होने वाले IMD के जिला-वार अलर्ट को प्राथमिकता देना सबसे सुरक्षित रहेगा। IMD की झारखंड मौसम सेवा जिला-वार चेतावनियां और तात्कालिक मौसम अपडेट भी उपलब्ध कराती है।
झारखंड में बारिश की कमी भी बनी हुई है चिंता
दिलचस्प बात यह है कि लगातार बारिश के पूर्वानुमान के बावजूद झारखंड के सभी जिलों में मानसूनी बारिश समान नहीं रही है। 27 अगस्त तक के मौसम केंद्र रांची के आंकड़ों के अनुसार राज्य में सीजनल बारिश सामान्य से करीब 11 प्रतिशत कम थी। 24 जिलों में से 12 जिले बारिश की कमी वाले वर्ग में थे। यानी आने वाले दिनों की बारिश राज्य के उन इलाकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है जहां अब तक मानसूनी बारिश सामान्य से कम रही है।
1 सितंबर 2026 को झारखंड में मौसम का मिजाज बारिश वाला रहने की संभावना है। IMD ने भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति को लेकर चेतावनी दी है। रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में बादल और बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम केंद्र रांची के अनुसार सितंबर के पहले सप्ताह में भी बारिश की गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है।
मौसम पूर्वानुमान लगातार अपडेट होता है। किसी खास जिले में बारिश की तीव्रता और चेतावनी बदल सकती है, इसलिए स्थानीय जिला-वार IMD अलर्ट को अंतिम संदर्भ माना जाना चाहिए।
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कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।









