Jharkhand: झारखंड में 4 सितंबर 2026 को मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं। IMD के 3 सितंबर के जिला मौसम पूर्वानुमान में भी 4 सितंबर के लिए अलग-अलग जिलों में तापमान बढ़ने के संकेत हैं।
4 सितंबर को कैसा रहेगा झारखंड का मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार 4 सितंबर को झारखंड में गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधि की संभावना बनी हुई है। IMD की सब-डिविजन चेतावनी में 4 सितंबर के लिए Thunderstorm & Lightning/Squall की चेतावनी दर्ज है। IMD के राष्ट्रीय पूर्वानुमान में भी झारखंड में 3 से 7 सितंबर के दौरान छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश तथा 1 से 5 सितंबर तक गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बताई गई है।
इसका मतलब है कि 4 सितंबर को पूरे राज्य में लगातार मूसलाधार बारिश जरूरी नहीं है, लेकिन कई स्थानों पर अचानक बारिश और आंधी-गरज का दौर देखने को मिल सकता है।
किन इलाकों में ज्यादा असर?
IMD के 3 सितंबर को जारी जिला तापमान पूर्वानुमान के मुताबिक 4 सितंबर को:
- रांची: अधिकतम 28°C, न्यूनतम 23°C
- जमशेदपुर/पूर्वी सिंहभूम: अधिकतम 32°C, न्यूनतम 25°C
- सरायकेला-खरसावां: 32°C/24°C
- बोकारो: 32°C/25°C
- धनबाद: 31°C/25°C
- देवघर: 31°C/25°C
- दुमका: 32°C/26°C
- गोड्डा: 33°C/27°C
- पाकुड़: 33°C/27°C
- साहिबगंज: 32°C/27°C
- गुमला: 28°C/23°C
- सिमडेगा: 31°C/23°C
- पलामू: 31°C/25°C
- गढ़वा: 31°C/25°C
- लातेहार: 27°C/21°C
भारी बारिश का खतरा कितना?
यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। 1 सितंबर को झारखंड में बेहद भारी बारिश दर्ज हुई थी, और IMD ने उस दिन अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी थी। लेकिन 4 सितंबर के लिए उपलब्ध ताजा व्यापक पूर्वानुमान में झारखंड के लिए मुख्य चिंता गरज-चमक, बिजली और स्थानीय बारिश है, न कि पूरे राज्य में अत्यधिक भारी बारिश।
हालांकि, हाल की भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलजमाव, अचानक बाढ़ और सड़क यातायात प्रभावित होने का स्थानीय जोखिम बना रह सकता है। सितंबर की शुरुआत में भारी बारिश के बाद राज्य के 10 जिलों में फ्लैश-फ्लड का खतरा भी बताया गया था।
मौसम खराब होने पर क्या सावधानी बरतें?
बिजली चमकने और गरज के दौरान लोगों को खुले मैदान, पेड़ और जलाशयों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। IMD ने भी बिजली गिरने की आशंका में पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित रखने की सलाह दी है। किसानों के लिए भी निचले खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और सब्जियों की पौधों को तेज बारिश से बचाने की सलाह दी गई है।
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कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।









