Ranchi : रांची के सरसा लापुंग में कार्तिक सोहराई जतरा का उदघाटन राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने फीता काटकर किया. रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ आयोजित जतरा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए.
आपसी प्रेम-भाईचारगी का त्योहार है सोहराई
इस मौके पर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि पुरखों के इस धरोहर को संरक्षित रखने में समाज का बड़ा योगदान है. आदिवासी-मूलवासी समाज ने अपनी एकजुटता से ऐतिहासिक परंपरा और संस्कृति को जीवंत रखने में सफलता पाई है. ये आयोजन आपसी प्रेम-भाईचारगी, सुख-दुख को साझा करने के साथ मेहमानों के सत्कार का माध्यम भी है.
मंत्री ने कहा कि पुरखों की इस विरासत को बचाने की जिम्मेवारी आज युवा पीढ़ी के कंधों पर है. बदलते हुए दौर में अगर लड़ाई को जीतना है तो तीर-धनुष ही नहीं शिक्षा और ज्ञान की जरूरत है . शिक्षा जैसे जेवर से युवाओं को खुद को सजाना होगा.
रघुवर सरकार ने स्कूल खोलने के बजाय बंद करने की योजना चलाई
पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने शिक्षा के महत्व को समझते हुए सुदूर गांव में स्कूल खोलने का काम किया था. लेकिन रघुवर दास की सरकार ने स्कूल खोलने के बजाय बंद करने की योजना चलाई. इस फर्क को युवा पीढ़ी को समझना चाहिए.
कृषि मंत्री ने कहा कि आज किसानों के लिए बीज से लेकर ट्रैक्टर और सोलर पंप सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है. सरकार की योजना का लाभ लेने के लिए गांव के लोगों को आगे आना होगा. साथ ही सरकार की योजना को अपनाना होगा.
इस मौके पर संतोष तिर्की, नकुल सिंह, सत्येंद्र भगत, फुलमनी देवी प्रकाश राम, बसंत मिंज, अरविंद तिवारी, सुमित उरांव, सुनीता, मुनींद्र सहित समिति के पदाधिकारी मौजूद थे.












