रांची: झारखंड की राजधानी रांची समेत राज्य के विभिन्न जिलों में गुरुवार को करवा चौथ का त्योहार मनाया जा रहा है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के साथ निर्जला व्रत रख रही हैं। दिनभर पूजा-पाठ और साज-श्रृंगार के बाद महिलाओं को शाम को चांद निकलने का इंतजार है। हालांकि, राज्य में बदले मौसम और आसमान में छाए बादलों के कारण चंद्रमा के दर्शन में परेशानी हो सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, रांची समेत झारखंड के कई हिस्सों में बादल छाए रहने की संभावना है। ऐसे में करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के सामने सवाल है कि अगर चांद दिखाई नहीं दिया तो व्रत कैसे खोलें?
रांची में 7:53 बजे चंद्रोदय का समय
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर को रांची में शाम 7 बजकर 53 मिनट पर चंद्रोदय का अनुमान है। वहीं, जमशेदपुर में 7:51 बजे, बोकारो में 7:49 बजे और धनबाद में 7:47 बजे चांद निकलने का समय बताया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिणी और मध्य झारखंड के कुछ इलाकों में देर रात बादल छंटने पर चांद दिखाई दे सकता है, हालांकि इसकी संभावना कम बताई गई है।
चांद नहीं दिखा तो कैसे खोलें करवा चौथ का व्रत?
करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलने की परंपरा है। लेकिन बारिश या बादलों के कारण चांद दिखाई नहीं देने पर अलग-अलग क्षेत्रों में कुछ वैकल्पिक धार्मिक परंपराएं भी प्रचलित हैं।
- भगवान शिव के दर्शन: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं। इसलिए कुछ परंपराओं में चांद दिखाई नहीं देने पर भगवान शिव की तस्वीर या प्रतिमा के दर्शन करके पूजा करने का विकल्प बताया जाता है।
- चावल से चंद्रमा की आकृति: कुछ स्थानों पर चावल और रोली की सहायता से चंद्रमा की प्रतीकात्मक आकृति बनाकर उसकी पूजा करने की परंपरा है।
- चंद्रोदय के निर्धारित समय पर पूजा: स्थानीय पंचांग के अनुसार चांद निकलने का समय देखकर चंद्रमा की दिशा में पूजा और अर्घ्य देने की परंपरा भी कुछ परिवारों में अपनाई जाती है।
- चांदी के सिक्के का प्रयोग: कुछ धार्मिक परंपराओं में चांदी के सिक्के को चंद्रमा का प्रतीक मानकर पूजा करने का उल्लेख मिलता है।
- वीडियो कॉल से चांद के दर्शन: आधुनिक समय में कुछ महिलाएं दूसरे शहर में मौजूद परिजनों की सहायता से वीडियो कॉल पर चांद देखकर पूजा करती हैं। हालांकि, इसे सभी धार्मिक परंपराओं में मान्यता प्राप्त विधि नहीं माना जाता।
करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त
दी गई पंचांग संबंधी जानकारी के अनुसार, गुरुवार 29 अक्टूबर को करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक बताया गया है। सामान्य पंचांग में चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 17 मिनट दिया गया है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में चंद्रोदय का समय भौगोलिक स्थिति के अनुसार बदलता है।
धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी जरूरी बात: बिना प्रत्यक्ष चंद्र दर्शन के व्रत पारण की विधि को लेकर अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में मतभेद हो सकते हैं। इसलिए महिलाएं अपनी पारिवारिक परंपरा या स्थानीय धर्माचार्य की सलाह के अनुसार पूजा और व्रत पारण कर सकती हैं।
प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का बताया गया समय
| शहर | चंद्रोदय का समय |
| रांची | शाम 7:53 बजे |
| जमशेदपुर | शाम 7:51 बजे |
| बोकारो | शाम 7:49 बजे |
| धनबाद | शाम 7:47 बजे |

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
5+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ उन्होंने Gandiva, Lagatar.in, News11 Digital और Prabhat Khabar Digital जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया है। वर्तमान में Khabar Mantra Digital में Digital Media Manager-cum-Executive एवं विशेष संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
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