Ranchi: रांची में झारखंड हाईकोर्ट के सामने चारा घोटाले से जुड़े उन मामलों की अंतिम सुनवाई आखिरकार शुरू हो गई है, जो सालों से लंबित थे। लेकिन बहस के पहले ही दिन एक अहम मोड़ आ गया – लालू यादव के वकील के मुताबिक, CBI ने कोर्ट को बताया कि केस से जुड़े जरूरी पेपर बुक और रिकॉर्ड फिलहाल उसके पास उपलब्ध नहीं हैं और उसे हाईकोर्ट की रजिस्ट्री से ये दस्तावेज हासिल करने हैं। इस पर कोर्ट ने CBI समेत सभी पक्षों को दस्तावेज जुटाने के लिए आठ हफ्ते का समय दे दिया है। यानी अगली सुनवाई तभी शुरू होगी जब सभी वादी-प्रतिवादी अपनी-अपनी पेपर बुक तैयार कर लेंगे।
हाईकोर्ट में मामला किस स्टेज पर है
सुप्रीम कोर्ट ने कुछ हफ्ते पहले ही झारखंड हाईकोर्ट को निर्देश दिया था कि राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव से जुड़े चारा घोटाला मामलों की लंबित अपीलों पर सुनवाई में तेजी लाई जाए। इसी निर्देश के बाद हाईकोर्ट में इन अपीलों की अंतिम बहस की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हुई। लेकिन पहले ही दिन CBI की ओर से यह जानकारी सामने आई कि मामले से जुड़ी पेपर बुक और जरूरी रिकॉर्ड फिलहाल हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में सुरक्षित हैं और एजेंसी के पास उपलब्ध नहीं हैं।
लालू यादव के वकील देवर्षि मंडल के मुताबिक, CBI ने कोर्ट से रजिस्ट्री से ये दस्तावेज पेन ड्राइव या डिजिटल माध्यम से हासिल करने की अनुमति मांगी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। साथ ही कोर्ट ने सिर्फ CBI को ही नहीं, बल्कि मामले से जुड़े सभी वादियों और याचिकाकर्ताओं को भी निर्देश दिया है कि वे तय आठ हफ्ते की समय-सीमा के भीतर अपनी-अपनी पेपर बुक और दस्तावेज इकट्ठा कर लें।
आठ हफ्ते का यह समय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आगे की सुनवाई की तारीख तभी तय होगी जब दस्तावेजों के आदान-प्रदान और तैयारी की पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। दूसरे शब्दों में, यह अंतिम बहस की औपचारिक शुरुआत के बाद का एक जरूरी प्रक्रियात्मक पड़ाव है, न कि सुनवाई में कोई नया विलंब पैदा करने वाला आदेश।
लालू यादव से जुड़े अन्य मामलों का संदर्भ
चारा घोटाले से जुड़े मामलों में लालू प्रसाद यादव को अलग-अलग ट्रायल कोर्ट फैसलों में सजा सुनाई जा चुकी है, जिनके खिलाफ अपीलें झारखंड हाईकोर्ट में लंबित हैं। इसी साल जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई की थी। CBI ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर हाईकोर्ट के जमानत आदेश को चुनौती दी थी और लालू यादव की जमानत रद्द करने की मांग की थी। एजेंसी का तर्क था कि हाईकोर्ट ने जमानत देते समय सजा की अवधि की गणना ठीक से नहीं की।
सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई 2026 को CBI की इस मांग को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के जमानत आदेश में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया था। साथ ही अदालत ने हाईकोर्ट से कहा था कि वह लंबित अपीलों की सुनवाई में तेजी लाए और यदि संभव हो तो मामले का निपटारा छह महीने के भीतर करने की कोशिश करे। 21 अगस्त की सुनवाई और आठ हफ्ते की समय-सीमा इसी निर्देश की अगली कड़ी मानी जा रही है।
अब आगे क्या?
आठ हफ्ते की समय-सीमा के दौरान CBI समेत सभी पक्षों को हाईकोर्ट की रजिस्ट्री से अपने-अपने केस रिकॉर्ड और पेपर बुक जुटानी होगी। इसके बाद ही हाईकोर्ट अगली सुनवाई की तारीख तय करेगा, जहां अपीलों पर वास्तविक बहस शुरू होगी। फिलहाल इस मामले में न तो लालू यादव की सजा को लेकर कोई नया फैसला आया है, न ही CBI की सजा बढ़ाने वाली याचिका पर कोई निर्णय हुआ है – यह पूरी प्रक्रिया अभी दस्तावेज जुटाने और सुनवाई की तैयारी के चरण में है। जमानत पर रहते हुए लालू यादव की स्थिति फिलहाल पूर्ववत बनी हुई है।
राज्य के अन्य न्यायिक व प्रशासनिक अपडेट्स में, हाल ही में JSSC CGL सहित CDPO परीक्षा रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक का अहम फैसला आया है और 25 अगस्त को झारखंड कैबिनेट की अहम बैठक भी प्रस्तावित है।
1996 से 2026 तक चारा घोटाले की संक्षिप्त टाइमलाइन
- 1996: बिहार के पशुपालन विभाग में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां उजागर हुईं। सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर पटना हाईकोर्ट ने मामले की CBI जांच के आदेश दिए।
- 1994–1996: देवघर सहित बिहार के विभिन्न कोषागारों से पशुपालन विभाग के नाम पर फर्जी निकासी की गई, जिनकी जांच बाद में अलग-अलग मामलों में हुई।
- 23 दिसंबर 2017: विशेष CBI कोर्ट, रांची ने देवघर कोषागार से जुड़े मामले में लालू प्रसाद यादव को दोषी करार देते हुए साढ़े तीन साल की सजा और जुर्माना सुनाया।
- 2018: CBI ने ट्रायल कोर्ट की सजा को अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाने के लिए झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर की।
- 2019: झारखंड हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य आधार पर लालू यादव को जमानत दी।
- जुलाई 2025: झारखंड हाईकोर्ट ने सजा बढ़ाने की CBI की अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार किया।
- 14 जुलाई 2026: सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव की जमानत रद्द करने की CBI की मांग खारिज की और हाईकोर्ट को अपील की सुनवाई तेज करने का निर्देश दिया।
- 21 अगस्त 2026: झारखंड हाईकोर्ट में अंतिम सुनवाई औपचारिक रूप से शुरू हुई। पेपर बुक उपलब्ध न होने पर कोर्ट ने CBI समेत सभी पक्षों को दस्तावेज जुटाने के लिए आठ हफ्ते का समय दिया।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।







