Ranchi: राजधानी रांची में महिला अधिवक्ताओं के साथ एसटी-एससी थाना प्रभारी के द्वारा धक्का-मुक्की करने और अभद्रता करने के मामले में अधिवक्ताओं में गुस्सा साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में आज यानी शनिवार को भी रांची के सिविल कोर्ट में अधिवक्ताओं के बीच आक्रोश देखने को मिल रहा है। आज रांची सिविल कोर्ट के अधिवक्ताओं ने काला बिल्ला लगाकर न्यायिक कार्य में हिस्सा लिया। इस से पहले यानी शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने एक दिन के लिए न्यायिक कार्य से खुद को अलग रख लिया था।
वीडियो फुटेज पुलिस प्रशासन मीडिया के सामने लाए : संजय विद्रोही
इस मामले में जानकारी देते हुए रांची जिला बार एसोसिएशन के महासचिव संजय विद्रोही ने कहा कि अधिवक्ताओं ने आज काला बिल्ला लगाकर काम किया है। प्रशासन से उन्होंने मांग की है कि मामले वाले दिन जो वीडियो फुटेज है पुलिस प्रशासन मीडिया के सामने लाए। अगर अधिवक्ता की गलती है तो उनके खिलाख कार्रवाई की जाएगी और अगर पुलिस की गलती दिखती है, तो संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाए। फिलहाल देखा जाए तो आज रांची सिविल कोर्ट में अधिवक्ताओं ने काला बिल्ला लगाकर न्यायिक कार्य में हिस्सा लिया है। लेकिन सोमवार या मंगलवार को एसोसिएशन की जनरल बॉडी की मीटिंग होगी, जिसमें आगे की रणनीति बनेगी। जानकारी देते हुए संजय विद्रोही ने बताया कि अगर आवश्यकता पड़ी तो पूरे झारखंड सिविल कोर्ट में एक दिन न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया जाएगा।
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गुरूवार को अधिवक्ता के साथ किया गया था अभद्र व्यवहार
ध्यान रहे कि गुरूवार को अधिवक्ता सविता कुजूर अपनी अन्य अधिवक्ताओं के साथ एक मामले के शिकायत दर्ज कराने एससी-एसटी थाना पहुंची थी। लेकिन वहां मौजूद जांच अधिकारी महेंद्र बाड़ा ने पहले तो शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। बाद में जब अधिवक्ता अपनी कानूनी मांग को लेकर थााना प्रभारी से मिली तो उन्होंने सहयोग करने के बजाय उनसे अभद्र व्यवहार किया।












