Jharkhand: झारखंड राज्य स्थापना दिवस 2025 के अवसर पर लोहरदगा जिला मुख्यालय में भव्य समारोह सह विकास मेला का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की शामिल हुईं। इस अवसर पर जिले को लगभग 122 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण योजनाओं का उपहार मिला।
122 करोड़ की योजनाओं का लोहरदगा को लाभ
स्थापना दिवस कार्यक्रम में जिन योजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और परिसंपत्ति वितरण किया गया, उनमें शामिल हैं:
* 88.52 करोड़ रुपये की योजनाओं का उद्घाटन
* 29.21 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास
* 4.92 करोड़ रुपये की परिसंपत्ति का वितरण
ये सभी योजनाएं जिले के कृषि, ग्रामीण विकास और आधारभूत संरचना को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हैं।
“हमने राज्य लिया भी है और इसे चलाकर भी दिखाया है”— शिल्पी नेहा तिर्की
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने अलग राज्य की लंबी संघर्ष यात्रा को याद किया। उन्होंने कहा—
* अलग राज्य का सपना आदिवासी महासभा के संस्थापक जयपाल सिंह मुंडा ने दिया था।
* इसके बाद राजीव गांधी की अध्यक्षता में बनी *झारखंड मैटर्स कमिटी* ने संस्कृति आधारित राज्य निर्माण की रिपोर्ट तैयार की।
* विरोधियों ने राज्य चलाने पर सवाल खड़ा किया था, लेकिन आज झारखंड प्रगति के नए आयाम लिख रहा है।
मंत्री ने कहा कि महागठबंधन सरकार ने जनता के हित में कई बड़े फैसले लिए हैं—
* किसानों का 2 लाख तक का ऋण माफ
* बेटियों के लिए सावित्रीबाई फुले योजना
* महिलाओं को मइयां सम्मान योजना
* नेतरहाट फायरिंग रेंज बंद करना
* सारंडा में आदिवासी समाज की रक्षा
उन्होंने अपील की कि—
**“सोना झारखंड गढ़ने के लिए राजनेता, अधिकारी, जनप्रतिनिधि और नागरिक—सबको ईमानदार प्रयास करना होगा।”**
लाभुकों के बीच परिसंपत्ति वितरण
कार्यक्रम में मंत्री के हाथों विभिन्न लाभुकों को संसाधन उपलब्ध कराए गए—
* सोलर पंप सेट
* ट्रैक्टर
* गाय वितरण
* आजीविका संकुल सम्मान
* टैब और स्मार्ट वॉच
* वन पट्टा
* बिरसा सिंचाई कूप
* कम्बल वितरण
कृषि मंत्री ने विकास मेला में लगे 22 स्टॉल का निरीक्षण करते हुए योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।
अधिकारी व जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
समारोह में लोहरदगा डीसी ताराचंद, एसपी सादिक रिज़वी, विभागीय अधिकारी, कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुखेर भगत, जिला परिषद अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।












