Ranchi: झारखंड सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और जनहित को ध्यान में रखते हुए 34 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन फैसलों का व्यापक असर राज्य के शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, जनजातीय कल्याण, और सरकारी कर्मचारियों पर पड़ेगा।
बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय इस प्रकार हैं:
- कर्मचारियों के लिए राहत: राज्य सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 55% किया गया, जिससे हजारों कर्मचारियों को आर्थिक लाभ होगा।
- महिला और बाल कल्याण: पीएम जनजाति महाअभियान (जनमन) के अंतर्गत ड्राइवर ग्रुप क्षेत्र में 275 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों के निर्माण को मंजूरी मिली, जिससे पोषण और प्रारंभिक शिक्षा को मजबूती मिलेगी।
- शिक्षा क्षेत्र में विस्तार: जामताड़ा और सिसई के आश्रम विद्यालयों को अब 10+2 स्तर तक उन्नत किया जाएगा, जिससे आदिवासी और पिछड़े वर्ग के छात्रों को उच्चतर शिक्षा मिलेगी।
- फार्मासिस्टों के लिए नई नियमावली: ‘झारखंड फार्मासिस्ट संवर्ग नियमावली 2025’ को मंजूरी दी गई, जो इस संवर्ग की सेवा शर्तों और नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगी।
- मेडिकल क्षेत्र को बढ़ावा: राज्य के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों (धनबाद, जमशेदपुर, हजारीबाग, दुमका और मेदिनीनगर) में सुपर स्पेशलिटी संवर्ग के 168 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई।
- विश्वविद्यालय का नाम परिवर्तन: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय का नाम बदलकर अब वीर बुधु भगत विश्वविद्यालय कर दिया जाएगा, जिससे झारखंड के स्वतंत्रता सेनानी को सम्मान मिलेगा।
- नेत्र चिकित्सा संस्थान को मंजूरी: रिम्स रांची के अंतर्गत प्रस्तावित क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के लिए 103 नए पद सृजित किए गए।
- पुलिस विभाग के लिए नई नियमावली: झारखंड पुलिस ट्रेड संवर्ग नियमावली 2025 को मंजूरी मिली, जिससे तकनीकी और ट्रेड से जुड़े कर्मियों की सेवा शर्तों में सुधार होगा।
इन निर्णयों से राज्य की प्रशासनिक दक्षता, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक कल्याण में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।












