धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले में चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। एसजेएएस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में पहली बार एन्यूरिज्म कॉइलिंग (Aneurysm Coiling) जैसी अत्याधुनिक प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। इस जटिल ऑपरेशन के जरिए 35 वर्षीय महिला मरीज को नई जिंदगी मिली है।
अस्पताल के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. शिशिर कुमार और उनकी टीम ने बुधवार को यह ऑपरेशन किया। बताया गया कि महिला मरीज को मस्तिष्क में रक्त वाहिका (Brain Aneurysm) संबंधी समस्या थी, जिसे कई बड़े अस्पतालों ने इलाज के लिए असंभव बताया था।
क्या है एन्यूरिज्म कॉइलिंग प्रक्रिया?
एन्यूरिज्म मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में सूजन या गुब्बारे जैसी संरचना बनने की स्थिति है। इसके फटने पर मरीज की जान भी जा सकती है।
कॉइलिंग प्रक्रिया एक चीरा रहित (Minimally Invasive) तकनीक है, जिसमें रक्त वाहिका के अंदर से विशेष कैथेटर डालकर प्रभावित हिस्से में प्लेटिनम कॉइल डाले जाते हैं ताकि फटने की संभावना समाप्त हो जाए।
मरीज की हालत स्थिर, तेजी से हो रहा सुधार
ऑपरेशन के बाद महिला की स्थिति स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही हैं। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों की टीम का आभार जताया है।
अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया
एसजेएएस हॉस्पिटल प्रबंधन ने बताया कि यह सफलता धनबाद समेत पूरे कोलफील्ड क्षेत्र के मरीजों के लिए बड़ी राहत है।
“हमारा लक्ष्य धनबाद को उन्नत चिकित्सा सेवाओं का केंद्र बनाना है। इस सफलता ने यह साबित किया है कि अब जटिल न्यूरो सर्जरी के लिए मरीजों को बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं,” — डॉ. शिशिर कुमार, न्यूरोसर्जन, एसजेएएस हॉस्पिटल












