Israel Iran War: मध्य पूर्व (Middle East) में इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। 12 जून 2025 को इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। इस सैन्य कार्रवाई को Operation Rising Lion नाम दिया गया, जिसमें ईरान के कई सैन्य ठिकानों और परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।
ईरान का पलटवार: ऑपरेशन ‘True Promise’
इजरायली हमले के जवाब में 13 जून की रात ईरान ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस’ के तहत तेल अवीव और यरुशलम पर 100 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। इस हमले में कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और तीन नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक घायल हुए हैं।
ईरान-इजरायल दुश्मनी का इतिहास
इस युद्ध की जड़ें 1979 की इस्लामी क्रांति से जुड़ी हैं, जब ईरान ने इजरायल को “अवैध राष्ट्र” घोषित कर उससे सारे संबंध तोड़ लिए थे। 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इजरायल पर हमले के बाद से तनाव और गहराया। इजरायल ने हमले के पीछे ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए लगातार सैन्य कार्रवाई की है।
इजरायल ने किन ठिकानों पर किया हमला?
इजरायल के मिसाइल हमले में मारे गए ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडरों में जनरल मोहम्मद बाघेरी और जनरल हुसैन सलामी शामिल हैं। इसके अलावा:
- तेहरान स्थित IRGC मुख्यालय
- ड्रोन और एयर डिफेंस यूनिट्स
- यूरेनियम केंद्र और बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण-साइट
ईरान ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय अपराध बताते हुए बदला लेने की चेतावनी दी है।
Strait of Hormuz बंद करने की चेतावनी और तेल संकट
ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसपर हमले जारी रहे तो वह Hormuz जलडमरूमध्य को बंद कर देगा — जो दुनिया के 30% से ज्यादा कच्चे तेल का ट्रांजिट रूट है। यदि ऐसा हुआ तो इसका सीधा असर भारत सहित पूरी दुनिया में तेल की कीमतों पर पड़ेगा।
भारत पर प्रभाव:
- पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹10-15 प्रति लीटर तक की वृद्धि संभव
- एलएनजी और गैस आधारित बिजली उत्पादन महंगा होगा
- ट्रांसपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री पर असर
क्या ये टकराव बनेगा तीसरे विश्व युद्ध की वजह?
अमेरिका ने इजरायल का समर्थन किया है जबकि चीन ने ईरान के पक्ष में बयान दिया है। संयुक्त राष्ट्र में भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। यदि यह टकराव आगे बढ़ता है और रूस जैसे देश भी सक्रिय होते हैं, तो थर्ड वर्ल्ड वॉर की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
क्या बढ़ेगा वैश्विक संकट?
- इजरायल-ईरान संघर्ष केवल दो देशों की लड़ाई नहीं रह गया है।
- वैश्विक तेल आपूर्ति और भूराजनीतिक समीकरणों पर इसका असर होना तय है।
- भारत समेत कई देशों को आर्थिक मोर्चे पर नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

विशेष संवाददाता | Khabar Mantra
विकाश कुमार झारखंड के रांची के रहने वाले और यहीं जन्मे पत्रकार एवं डिजिटल मीडिया प्रोफेशनल हैं। झारखंड में लंबे समय से रहने और काम करने के कारण उन्हें राज्य के गांवों, शहरों, स्थानीय समाज, प्रशासन और जमीनी मुद्दों की गहरी समझ है।
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