Ranchi: झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने गुरुवार को रांची स्थित भूमि संरक्षण कार्यालय और नामकुम के सिदरौल स्थित भगवान बिरसा मुंडा लाह मूल्य संवर्द्धन शोध एवं प्रशिक्षण केंद्र का औचक निरीक्षण किया। मंत्री ने विभागीय योजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और अधिकारियों को अक्टूबर माह से हर हाल में योजनाओं की शुरुआत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
भूमि संरक्षण विभाग में कार्य संस्कृति सुधार पर जोर
औचक निरीक्षण के दौरान मंत्री ने कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थिति, कार्यालय की कार्य संस्कृति और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने डीप बोरिंग, परकोलेशन टैंक, तालाब जीर्णोद्धार, ट्रैक्टर और पंपसेट वितरण जैसी योजनाओं की फाइलों की जांच की।
मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि लाभुकों को सरकारी अनुदान का अधिकतम लाभ मिले और योजना प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। विधायकों के अनुशंसा पत्रों के आधार पर लंबित योजनाओं की समीक्षा में सुस्ती के लिए उन्होंने अधिकारियों को फटकार भी लगाई।
सख्त समय सीमा तय
मंत्री तिर्की ने कहा कि:
- अगस्त माह तक JE/AEs सभी योजना स्थलों का निरीक्षण पूरा करें।
- सितंबर में प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी जांच प्रतिवेदन तैयार करें।
- सभी योजनाओं की सूची अनुमोदन हेतु जिला उपायुक्त को भेजी जाए।
- अक्टूबर में राज्यभर में कार्य आरंभ हो।
लाह केंद्र में उपकरणों की स्थिति पर असंतोष
इसके बाद मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की सिदरौल स्थित भगवान बिरसा मुंडा लाह मूल्य संवर्द्धन केंद्र पहुंचीं। यहां उन्होंने प्रशासनिक भवन और लाह गोदाम का निरीक्षण किया। मंत्री ने कच्चा लाह संग्रहण, प्रसंस्करण और किसानों के प्रशिक्षण के लिए बनाए गए संसाधनों के रखरखाव में पाई गई खामियों पर नाराजगी जाहिर की और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अधिक से अधिक किसानों को लाह उत्पादन और प्रसंस्करण का प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि इस क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल की जा सकें और किसानों की आय बढ़ाई जा सके।
राज्यभर में जारी होंगे निर्देश
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भूमि संरक्षण विभाग द्वारा राज्य के सभी जिलों को योजनाओं में तेजी लाने और तय समय सीमा में कार्य शुरू करने के लिए निर्देश जारी किए जाएंगे।












