Jharkhand News: झारखंड पुलिस मुख्यालय ने रांची के नामकुम थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा डीजीपी के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना कर की गई गिरफ्तारी के मामले में सख्त कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक के आदेश की अनदेखी कर खुशी कुमारी और उनके पिता बसंत तिवारी को गिरफ्तार करने के मामले में नामकुम थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार का तबादला सिमडेगा जिला बल में कर दिया गया है। वहीं, मामले के अन्वेषणकर्ता मिथुन कुमार को निलंबित कर चाईबासा जिला बल भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि गोंदा थाना में 28 मई 2025 को कांड संख्या 64/2025 और नामकुम थाना में 17 जून को कांड संख्या 188/2025 दर्ज किए गए थे। इन मामलों में खुशी तिवारी और उनके पिता पर आरोप था कि उन्होंने एक व्यक्ति काशीनाथ नायक से ठगी कर रुपए और गहने हड़पे।
जब मामला बढ़ा तो खुशी तिवारी ने डीजीपी से निष्पक्ष जांच की मांग की, जिसके बाद डीजीपी ने जांच की जिम्मेदारी डीआईजी (बजट) संध्या रानी मेहता को सौंपी। इसके साथ ही डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि डीआईजी (बजट) के आदेश के बिना पुलिस खुशी या उनके परिजनों के घर नहीं जाएगी।
फिर भी गिरफ्तारी क्यों?
इन निर्देशों के बावजूद 2 अक्टूबर 2025 (बुधवार) को नामकुम थाना पुलिस ने खुशी तिवारी और उनके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि जांच प्रक्रिया अभी पूरी भी नहीं हुई थी। यह कार्रवाई डीजीपी के निर्देशों की अवहेलना मानी गई, जिस पर पुलिस मुख्यालय ने त्वरित संज्ञान लेते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की।
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