सिंदरी। बीआईटी सिंदरी के औद्योगिक अभियंत्रण विभाग द्वारा पांच दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य स्मार्ट और सतत विनिर्माण के साथ-साथ इंडस्ट्री 4.0 जैसे उभरते विषयों पर चर्चा करना था। सेमिनार का उद्घाटन गुरुवार को हुआ और इसमें आधुनिक विनिर्माण तकनीकों, स्वचालन, सतत विकास और उद्योग-शिक्षा के समन्वय को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
आईएसएम धनबाद के ईंधन, खनिज और धातुकर्म अभियांत्रिकी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. मधुमंती भट्टाचार्य ने “सालिड स्टेट वेल्डिंग” पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि फ्रिक्शन स्टिर वेल्डिंग जैसी तकनीकें न केवल तकनीकी दृष्टिकोण से उन्नत हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
बीआईटी मेसरा के उत्पादन और औद्योगिक इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर विनय शर्मा ने “डिजिटल ट्वीन” तकनीक की महत्ता पर प्रकाश डाला। उनके अनुसार, इस तकनीक से विनिर्माण क्षेत्र में उत्पादकता, गति और गुणवत्ता को काफी बेहतर बनाया जा सकता है।
दूसरी ओर, विभागाध्यक्ष डॉ. प्रकाश कुमार ने इस सेमिनार को वर्तमान और भविष्य के विनिर्माण पर चर्चा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। समन्वयक डॉ. सुमंत मुखर्जी ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी वक्ताओं को सम्मानित किया।
यह सेमिनार उद्योग और शिक्षा के बीच बेहतर संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने का एक अहम कदम साबित हुआ।













