Dhanbad: पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों की हत्या के बहुचर्चित मामले में शुक्रवार को विशेष एमपी-एमएलए अदालत में अनुसंधानकर्ता निरंजन तिवारी का बयान दर्ज किया गया। यह बयान मुख्य आरोपी रिंकू सिंह उर्फ विकास सिंह उर्फ धर्मेन्द्र सिंह की अनुपस्थिति में दर्ज किया गया, जो लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रहा है।
न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत में दिए अपने बयान में अनुसंधानकर्ता ने जांच के दौरान एकत्र किए गए सभी साक्ष्यों की पुष्टि की। इससे एक दिन पहले, अदालत ने रिंकू सिंह को फरार घोषित करते हुए उसके विरुद्ध गैरहाजिरी में सुनवाई चलाने का आदेश दिया था।
जमानत के बाद लगातार गैरहाजिर
रिंकू सिंह को झारखंड उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने जमानत पर रिहा किया था और वह 23 जनवरी 2023 को जेल से बाहर आया था। लेकिन इसके बाद वह अदालत में निर्धारित तिथियों पर पेश नहीं हो रहा था। अदालत ने 21 दिसंबर 2023 को उसकी जमानत रद्द करते हुए गिरफ्तारी का आदेश दिया था। गिरफ्तारी न होने पर उसे फरार घोषित कर दिया गया।
चार्जशीट में गंभीर आरोप
13 जून 2019 को पुलिस ने रिंकू सिंह को गिरफ्तार किया था। 12 सितंबर 2019 को उसके विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया गया। 35 पन्नों की चार्जशीट में पुलिस ने अन्य आरोपियों की स्वीकारोक्ति, कॉल डिटेल, और सोनू, रोहित व पंकज के बयानों को रिंकू के खिलाफ साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया।
हत्या की वारदात
यह हत्याकांड 21 मार्च 2017 की शाम को घटित हुआ था, जब नीरज सिंह अपनी फॉर्च्यूनर कार (JH10AR-4500) से अपने आवास ‘रघुकुल’ लौट रहे थे। कार में उनके साथ उनका सहायक अशोक यादव, निजी अंगरक्षक मुन्ना तिवारी और ड्राइवर घोल्टू महतो सवार थे। सरायढेला के स्टील गेट के पास दो बाइकों पर सवार कम से कम चार हमलावरों ने ब्रेकर पर धीमी हुई कार पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। इस हमले में नीरज सिंह समेत चारों की मौके पर ही मौत हो गई थी।












