Jharkhand: झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन विधायक शशिभूषण मेहता ने सरकार को कई जनमुद्दों पर घेरते हुए तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वे जनता की आवाज को मजबूती से सदन में उठाते रहे हैं, लेकिन “अगर सरकार इन मुद्दों पर कार्रवाई नहीं करती, तो सदन चलने नहीं देंगे।”
मेहता ने खनन विभाग से जुड़े मुद्दों पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि राज्य में 386 घाटों की नीलामी कर दी गई है और 100 रुपये प्रति CFT की दर तय कर दी गई है, लेकिन मंत्री को इन मामलों की सही जानकारी तक नहीं है।
उन्होंने कहा— “मंत्री सत्ता के बल पर सिर्फ बात को टालते हैं, वास्तविक स्थिति पर ध्यान नहीं देते।”
विधायक ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कामकाज में सुधार नहीं हुआ तो “हम उपयुक्त कैंपस में घुस जाएंगे, तब समाज को सच्चाई पता चलेगी।”
मेहता ने छात्रों के आंदोलन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार समय पर निर्णय लेती तो आज छात्र सड़कों पर नहीं उतरते।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा—
“राज्य सरकार को ज़रा सा भी पेट दर्द होता है तो केंद्र सरकार पर दोष मढ़ देती है, जबकि केंद्र से पैसा सही तरीके से मिल रहा है।”













