गुरूवार, अक्टूबर 15, 2026
Khabar Mantra
No Result
View All Result
  • होम
  • झारखंड
    • रांची Ranchi
    • धनबाद Dhanbad
    • जमशेदपुर Jamshedpur
    • पलामू Palamu
    • कोडरमा Koderma
    • गढ़वा Garhwa
    • गिरिडीह Giridih
    • गुमला Gumla
    • देवघर Deoghar
    • दुमका Dumka
    • बोकारो (Bokaro)
    • जामतारा Jamtara
    • सिमडेगा Simdega
    • हजारीबाग Hazaribagh
    • लोहरदगा Lohardaga
    • चतरा Chatra
    • चाईबासा Chaibasa
    • गोड्डा Godda
    • खूंटी Khunti
    • लातेहार Latehar
    • पाकुड़ Pakur
    • रामगढ़ Ramgarh
    • साहिबगंज Sahibganj
    • सरायकेला खरसावां Seraikela Kharsawan
  • क्राइम
  • देश
    • बिहार
  • धर्म-अध्याय
  • खेल
  • शिक्षा
  • लाइफस्टाइल
    • मनोरंजन Entertainment
  • खबर हटके
  • टेक्नोलॉजी
Khabar Mantra

Onam 2026: राजा महाबली की वो कहानी, जिसके कारण आज भी धूमधाम से मनाया जाता है ओणम

Onam 2026: जानिए ओणम का इतिहास, राजा महाबली की कहानी, तिरुवोनम का महत्व, पूक्कलम, ओणसद्या, वल्लमकली और पुलिकली से जुड़ी अनोखी परंपराएं।

अगस्त 26, 2026
in धर्म-अध्याय
A A
Onam 2026

ओणम सिर्फ त्योहार नहीं! इसके पीछे छिपी है समानता और खुशहाली की सदियों पुरानी कहानी

Share on FacebookShare on Twitter
WhatsApp चैनल से जुड़ें ताजा समाचार सीधे WhatsApp पर पाएं
जॉइन करें
Google News पर खबर मन्त्र को फॉलो करेंझारखंड की हर ब्रेकिंग खबर के लिए स्टार दबाएं
फॉलो करें
यह खबर सुनेंऑडियो
समय: ~8 मिनट•हिंदी बुलेटिन

Onam 2026: केरल में आज 26 अगस्त 2026 को तिरुवोनम (Thiruvonam) का पर्व मनाया जा रहा है। ओणम सिर्फ फूलों की रंगोली, केले के पत्ते पर परोसे जाने वाले स्वादिष्ट सद्या और सांप वाली नौका दौड़ का त्योहार नहीं है। इसके पीछे राजा महाबली की ऐसी कथा जुड़ी है, जिसमें एक आदर्श शासन, समानता, समृद्धि और अपनी प्रजा के प्रति प्रेम की कल्पना दिखाई देती है।

Table of Contents

Toggle
  • Onam 2026: 10 दिन तक चलता है यह त्योहार
    • केले के पत्ते पर इतनी सारी चीजें क्यों परोसी जाती हैं?
      • नावों की रेस से लेकर ‘टाइगर डांस‘ तक, ओणम में क्या-क्या होता है?
        • ओणम की सबसे अनोखी बात क्या है?
    • एक गांव में 43 साल पुरानी अनोखी परंपरा
      • ओणम का असली संदेश क्या है?

मान्यता है कि महाबली के शासनकाल में प्रजा खुशहाल थी और समाज में भेदभाव कम था। भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर उनसे तीन पग भूमि मांगी। कथा के अनुसार, वामन ने दो पग में पृथ्वी और आकाश नाप लिया और तीसरे पग के लिए महाबली ने अपना सिर प्रस्तुत किया। इसके बाद उन्हें पाताल लोक जाना पड़ा, लेकिन उन्हें वर्ष में एक बार अपनी प्रजा से मिलने का अवसर मिला। इसी वार्षिक आगमन की स्मृति में ओणम मनाए जाने की मान्यता है।

📌 यह भी पढ़ें:
  • सौभाग्य योग से चमकेगी इन राशियों की किस्मत, मिथुन को लोन में सफलता तो मकर को मिलेगी सरकारी राहत
  • नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा कैसे करें? जानिए पौराणिक कथा, स्वरूप और पूजा का महत्व
  • बुधवार का दिन किसके लिए रहेगा खास? 14 अक्टूबर को कर्क, मिथुन और कन्या राशि पर रहेंगी नजरें

Onam 2026: 10 दिन तक चलता है यह त्योहार

ओणम एक दिन का पर्व नहीं है। मलयालम कैलेंडर के चिंगम महीने में मनाया जाने वाला यह उत्सव अथम से शुरू होकर तिरुवोनम तक पहुंचता है। 2026 में इसका मुख्य दिन यानी तिरुवोनम 26 अगस्त को है। इन दिनों घरों के आंगन में फूलों से पूक्कलम (Pookkalam) बनाया जाता है। शुरुआत में डिजाइन छोटा होता है और हर दिन इसमें फूलों की नई परतें जुड़ती जाती हैं। केरल पर्यटन के अनुसार, पूक्कलम का संबंध महाबली के स्वागत से माना जाता है।

यानी फूलों की यह रंगोली सिर्फ सजावट नहीं है-यह उस मेहमान के स्वागत का प्रतीक है, जिसके लौटने का इंतजार सदियों से लोककथाओं में किया जाता रहा है।

झारखंड मुख्य समाचार एवं विश्लेषण
Special Coverage
झारखंड मुख्य समाचार एवं विश्लेषण

केले के पत्ते पर इतनी सारी चीजें क्यों परोसी जाती हैं?

ओणम की पहचान ओणसद्या (Onam Sadya) के बिना अधूरी है। केले के पत्ते पर परोसे जाने वाले इस पारंपरिक भोजन में चावल, सांभर, अवियल, ओलन, थोरन, अचार, पापड़, केले के चिप्स और कई प्रकार के पायसम जैसे व्यंजन शामिल होते हैं। केरल पर्यटन इसे ओणम की सामूहिकता और समृद्धि का महत्वपूर्ण प्रतीक बताता है।

झारखंड मुख्य समाचार एवं विशेष रिपोर्ट
Special Report

दिलचस्प बात यह है कि सद्या का महत्व केवल उसके व्यंजनों की संख्या में नहीं है। एक ही पंक्ति में बैठकर भोजन करना और एक साथ त्योहार मनाना ओणम के सामुदायिक चरित्र को सामने लाता है।

नावों की रेस से लेकर ‘टाइगर डांस‘ तक, ओणम में क्या-क्या होता है?

ओणम के दौरान केरल की संस्कृति अपने सबसे रंगीन रूप में दिखाई देती है।

ताजा प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय अपडेट्स
Top Updates
ताजा प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय अपडेट्स

वल्लमकली (Vallamkali) यानी पारंपरिक सांप नौका दौड़ में लंबी, सजाई हुई नौकाओं में सवार टीमें ताल और गीतों के साथ नाव चलाती हैं। केरल के बैकवाटर्स में होने वाली ये प्रतियोगिताएं ओणम के सबसे आकर्षक दृश्यों में शामिल हैं।

इसके अलावा पुलिकली (Pulikali) में कलाकार अपने शरीर पर बाघ जैसी पेंटिंग बनाकर ढोल की थाप पर नृत्य करते हैं। कथकली और तिरुवातिराकली जैसी पारंपरिक कलाएं भी उत्सव का हिस्सा हैं।

ओणम की सबसे अनोखी बात क्या है?

ओणम की सबसे खास बात यह है कि इसकी पहचान सिर्फ धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है। महाबली की कथा एक ऐसे आदर्श समय की याद दिलाती है जिसे समृद्धि, खुशहाली और समानता से जोड़ा जाता है।

इसीलिए ओणम को केरल की सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक एकता से जोड़कर भी देखा जाता है। आधुनिक समय में भी केरल से बाहर रहने वाले मलयाली परिवार और दुनिया भर में बसे मलयाली समुदाय इस त्योहार को अपनी परंपराओं के अनुसार मनाते हैं।

एक गांव में 43 साल पुरानी अनोखी परंपरा

ओणम की आधुनिक और अनोखी परंपराओं में केरल के एर्नाकुलम क्षेत्र के वालयनचिरंगारा गांव की परंपरा खास है। यहां पिछले 43 वर्षों से लोग ओणम के दौरान क्रिसमस कैरोल जैसी टोली बनाकर घर-घर जाते हैं, ओणम गीत गाते हैं और उनके साथ महाबली का किरदार निभाने वाला व्यक्ति भी होता है। खास बात यह है कि उथ्राडम की पूर्व संध्या पर यहां एक महिला ‘वनिता मावेली’ के रूप में महाबली की भूमिका निभाती है।

खबर मन्त्र एक्सक्लूसिव पड़ताल एवं विश्लेषण
Exclusive

यह परंपरा बताती है कि ओणम सिर्फ पुरानी कथा को दोहराने वाला त्योहार नहीं है, बल्कि समय के साथ अपनी नई सांस्कृतिक अभिव्यक्तियां भी बनाता रहा है।

ओणम का असली संदेश क्या है?

महाबली की कहानी को अगर सिर्फ पौराणिक कथा की तरह देखा जाए तो ओणम का एक बड़ा सांस्कृतिक संदेश छूट सकता है। इस त्योहार के केंद्र में घर लौटना, अपनों के साथ बैठना, भोजन साझा करना, प्रकृति के प्रति आभार और खुशहाली की कामना जैसे भाव हैं। शायद यही वजह है कि आज भी ओणम में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह नहीं होता कि आपकी थाली में कितने व्यंजन हैं, बल्कि यह होता है कि उस थाली के आसपास कितने लोग साथ बैठे हैं।

यही ओणम को सिर्फ केरल का एक त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में साझी खुशहाली और सामुदायिक एकता का खूबसूरत प्रतीक बनाता है।

 ये भी पढ़ें: Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर जमीन खोदने की मनाही क्यों? जानिए इसके पीछे की परंपरा

Ritika Singh
Ritika Singh

कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।

खबर मन्त्र विशेष वीडियो रिपोर्ट
Exclusive Report
खबर मन्त्र विशेष वीडियो रिपोर्ट

Related Posts

आज का राशिफल 15 अक्टूबर 2026, गुरुवार को सभी 12 राशियों का भविष्यफल
धर्म-अध्याय

सौभाग्य योग से चमकेगी इन राशियों की किस्मत, मिथुन को लोन में सफलता तो मकर को मिलेगी सरकारी राहत

अक्टूबर 15, 2026
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा करते भक्त, देवी की प्रतिमा और पूजा सामग्री
धर्म-अध्याय

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा कैसे करें? जानिए पौराणिक कथा, स्वरूप और पूजा का महत्व

अक्टूबर 14, 2026
Aaj Ka Rashifal 14 October 2026, बुधवार का दैनिक राशिफल और सभी 12 राशियों का भविष्यफल
धर्म-अध्याय

बुधवार का दिन किसके लिए रहेगा खास? 14 अक्टूबर को कर्क, मिथुन और कन्या राशि पर रहेंगी नजरें

अक्टूबर 14, 2026
Next Post
After RIMS and Project Bhawan, journalists' entry into Sadar Hospital is now being questioned; Babulal Marandi targets the government.

RIMS, प्रोजेक्ट भवन के बाद अब सदर अस्पताल में पत्रकारों की एंट्री पर सवाल, बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरा

पैसे नहीं दिये तो पति ने काट डाले पत्नी के जीभ, आरोपी गिरफ्तार

पैसे नहीं दिये तो पति ने काट डाले पत्नी के जीभ, आरोपी गिरफ्तार

आज का राशिफल 15 अक्टूबर 2026, गुरुवार को सभी 12 राशियों का भविष्यफल

सौभाग्य योग से चमकेगी इन राशियों की किस्मत, मिथुन को लोन में सफलता तो मकर को मिलेगी सरकारी राहत

अक्टूबर 15, 2026

राष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिता में झारखंड का कमाल, पूरव जैन ने जीता रजत पदक

हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने नेमरा पहुंचे नेता और अधिकारी

अनुच्छेद 370 से ऑपरेशन सिंदूर तक, 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य-बाबूलाल ने गिनाई उपलब्धियां

निजी शोक के बीच सीएम हेमंत सोरेन ने सुनी जरूरतमंदों की समस्या, दो दिव्यांगों को मिली ट्राई साइकिल

जमशेदपुर जू में बाघिन सुनैना ने दिया 3 शावकों को जन्म, नाम रखने के लिए मांगे गए सुझाव

Khabar Mantra

© 2025 Khabar Mantra

Navigate Site

  • Home
  • Privacy Policy
  • Corrections Policy
  • Editorial Policy
  • Terms of Service (नियम और शर्तें)
  • Contact Us
  • Sitemap

Follow Us

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
व्हाट्सएप शेयर ग्रुप से जुड़ें
✕
अगला लेख
✕

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • होम
  • झारखंड
    • रांची Ranchi
    • धनबाद Dhanbad
    • जमशेदपुर Jamshedpur
    • पलामू Palamu
    • कोडरमा Koderma
    • गढ़वा Garhwa
    • गिरिडीह Giridih
    • गुमला Gumla
    • देवघर Deoghar
    • दुमका Dumka
    • बोकारो (Bokaro)
    • जामतारा Jamtara
    • सिमडेगा Simdega
    • हजारीबाग Hazaribagh
    • लोहरदगा Lohardaga
    • चतरा Chatra
    • चाईबासा Chaibasa
    • गोड्डा Godda
    • खूंटी Khunti
    • लातेहार Latehar
    • पाकुड़ Pakur
    • रामगढ़ Ramgarh
    • साहिबगंज Sahibganj
    • सरायकेला खरसावां Seraikela Kharsawan
  • क्राइम
  • देश
    • बिहार
  • धर्म-अध्याय
  • खेल
  • शिक्षा
  • लाइफस्टाइल
    • मनोरंजन Entertainment
  • खबर हटके
  • टेक्नोलॉजी

© 2025 Khabar Mantra

📍

अपना शहर / जिला चुनें

झारखंड व बिहार के प्रमुख जिलों की ताजा खबरें

🌟 रांची (Ranchi) राजधानी 🌟 धनबाद (Dhanbad) कोयलांचल 🌟 जमशेदपुर (Tata) इस्पात नगरी बोकारो (Bokaro) पलामू (Palamu) हजारीबाग (Hazaribagh) गिरिडीह (Giridih) देवघर (Deoghar) कोडरमा (Koderma) दुमका (Dumka) रामगढ़ (Ramgarh) गढ़वा (Garhwa) गुमला (Gumla) चाईबासा (Chaibasa) चतरा (Chatra) लोहरदगा (Lohardaga) सिमडेगा (Simdega) जामताड़ा (Jamtara) खूंटी (Khunti) लातेहार (Latehar) साहिबगंज (Sahibganj) पाकुड़ (Pakur) गोड्डा (Godda) सरायकेला (Seraikela) 🚩 बिहार (Bihar News) 🏹 पूरा झारखंड (All)
होम आप का शहर K जॉब्स Shorts