रांची : झारखंड की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 3 अप्रैल को राज्यव्यापी झारखंड बंद का ऐलान किया है। इसके साथ ही पार्टी ने 2 अप्रैल को सभी ब्लॉक और जिला मुख्यालयों पर मशाल जुलूस निकालने की घोषणा की है।
इस फैसले के पीछे हजारीबाग में 12 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या का मामला है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर दिया है।
क्यों बुलाया गया झारखंड बंद?
हजारीबाग जिले में एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। इस घटना के विरोध में BJP ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बंद का आह्वान किया है।
पार्टी का आरोप है कि हेमंत सोरेन की सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल रही है।
2 अप्रैल को मशाल जुलूस
BJP प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने बताया कि:
- 2 अप्रैल को राज्यभर में मशाल जुलूस निकाले जाएंगे
- 3 अप्रैल को झारखंड बंद को सफल बनाने के लिए जनसमर्थन जुटाया जाएगा
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए है।
हाई कोर्ट का स्वतः संज्ञान
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान (Suo Moto) लिया है।
कोर्ट ने राज्य प्रशासन और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
कानून-व्यवस्था पर BJP का हमला
BJP ने राज्य में बढ़ते अपराधों को लेकर भी सरकार को घेरा। पार्टी के अनुसार (2020–जनवरी 2026):
- दुष्कर्म: 10,000+ मामले
- अपहरण: 11,000+ मामले
- चोरी: 60,000+ मामले
- हत्या: 9,000+ मामले
इन आंकड़ों के जरिए पार्टी ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
क्या है पूरा हजारीबाग मामला?
- 24 मार्च: बच्ची अपनी मां के साथ राम नवमी शोभायात्रा देखने गई
- उसी दौरान कथित अपहरण
- अगले दिन खेत से लाश बरामद
- मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय SIT गठित
पुलिस और प्रशासन पर दबाव
BJP का दावा है कि पार्टी द्वारा मुद्दा उठाने के बाद ही जांच में तेजी आई। साथ ही, पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी से मिलकर कानून-व्यवस्था और अन्य घटनाओं (जैसे खूंटी में पथराव) पर भी चिंता जताई।












