पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई के कारण तुर्की एक बार फिर विवादों में घिर गया है. तुर्की के पाकिस्तान के समर्थन के चलते सोशल मीडिया पर #BoycottTurkey ट्रेंड कर रहा है, और कई भारतीयों ने तुर्की के व्यापारिक बहिष्कार की मांग उठाई है. खासकर यह तब सुर्खियों में आया, जब मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तुर्की ने पाकिस्तान को हथियारबंद ड्रोन की आपूर्ति की.
भारत और तुर्की के बीच व्यापार संबंध
भारत और तुर्की के बीच व्यापार का काफी बड़ा स्तर है, और यह दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है. आंकड़ों के अनुसार, 2024 में भारत ने तुर्की को करीब 5.2 अरब डॉलर (लगभग 45,000 करोड़ रुपये) का निर्यात किया है, जबकि तुर्की से भारत ने 2.84 अरब डॉलर (24,000 करोड़ रुपये) का आयात किया. भारत तुर्की से मार्बल, सेब, सोना, चूना, सीमेंट और खनिज तेल जैसी वस्तुएं इंपोर्ट करता है, वहीं तुर्की को भारत से कपड़े, सूती धागे, इंजीनियरिंग सामान, केमिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और खाद्य उत्पाद निर्यात किए जाते हैं.
पर्यटन उद्योग पर असर
तुर्की का पर्यटन भारतीयों के बीच लोकप्रिय हो गया है, और 2023 में 3.3 लाख भारतीय पर्यटकों ने तुर्की की यात्रा की थी. हालांकि, पाकिस्तान के समर्थन को लेकर तुर्की की आलोचना होने के बाद, भारतीय ट्रैवल कंपनियां भारतीयों को तुर्की जाने के बारे में पुनः विचार करने की सलाह दे रही हैं. इससे तुर्की के पर्यटन उद्योग पर भी असर पड़ने की संभावना है.
निवेश और व्यापारिक भविष्य
तुर्की ने भारत में अब तक 22.75 करोड़ डॉलर का निवेश किया है, जबकि भारतीय कंपनियों ने तुर्की में भी निवेश किया है. हालांकि, पाकिस्तान के प्रति तुर्की का रुख भारतीय व्यापार और निवेश संबंधों पर असर डाल सकता है, जिससे भविष्य में व्यापारिक रिश्तों में बदलाव हो सकता है.












