Patna: बिहार की राजनीति में शुक्रवार देर रात उस वक्त भारी हलचल मच गई, जब पूर्णिया से सांसद Pappu Yadav को पटना पुलिस ने आधी रात गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी किसी ताज़ा मामले में नहीं, बल्कि करीब 31 साल पुराने एक जमीन कब्जा केस में की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई ने सत्ता और विपक्ष, दोनों खेमों में सरगर्मी बढ़ा दी है।
कौन सा है 31 साल पुराना मामला?
जानकारी के मुताबिक, यह मामला वर्ष 1995 का है। आरोप है कि उस समय पप्पू यादव पर जमीन पर अवैध कब्जा करने का केस दर्ज हुआ था। लंबे समय से लंबित इस मामले में अब अदालत के आदेश पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी की।
आधी रात पुलिस कार्रवाई, समर्थकों का हंगामा
शुक्रवार (6 फरवरी) की आधी रात जब पटना पुलिस Pappu Yadav को गिरफ्तार करने उनके आवास पर पहुंची, तो वहां मौजूद समर्थकों ने जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया, लेकिन भारी हंगामे के बावजूद पुलिस ने पीछे हटने से इनकार कर दिया और सांसद को हिरासत में ले लिया।
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तबीयत का हवाला, लेकिन पुलिस नहीं मानी
गिरफ्तारी के बाद Pappu Yadav को देर रात मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। इस दौरान उनकी ओर से तबीयत खराब होने की बात कही गई, लेकिन पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गिरफ्तारी टालने का आधार नहीं माना।
पप्पू यादव का बयान
गिरफ्तारी के दौरान सांसद पप्पू यादव ने कहा,
“मैं संसद सत्र में भाग लेकर लौटा हूं। मुझे अदालत के समन की जानकारी है और मैं कल पेश होने वाला था। कुछ पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में आए और मेरे साथ दुर्व्यवहार किया गया।”
आज अदालत में होंगे पेश
सूत्रों के अनुसार, Pappu Yadav को शनिवार (7 फरवरी) को अदालत में पेश किया जाएगा। इस गिरफ्तारी के बाद बिहार की राजनीति में इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और मामला तूल पकड़ता जा रहा है।












