Ranbir Kapoor Ramayana: रणबीर कपूर इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘रामायण’ को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में लॉस एंजेलिस में आयोजित फिल्म के वर्ल्ड प्रीमियर के दौरान अभिनेता ने राम के किरदार को निभाने के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जब उन्हें पहली बार इस फिल्म का ऑफर मिला था, तो उनके मन में खुशी से ज्यादा डर और सेल्फ-डाउट था। रणबीर ने यह भी बताया कि फिल्म का ऑफर मिलने और पहली बार पिता बनने के बीच एक खास संयोग रहा, जिसने इस किरदार के प्रति उनके नजरिए को और गहरा बना दिया।
रामायण में राम का किरदार निभाने से क्यों डरे थे रणबीर कपूर?
रणबीर कपूर ने बताया कि ‘रामायण’ जैसी कहानी का हिस्सा बनना उनके लिए किसी सामान्य फिल्म में काम करने जैसा नहीं था। अपने लगभग 18 साल के फिल्मी करियर में उन्होंने कई तरह के किरदार निभाए हैं, लेकिन भगवान राम की भूमिका उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है।
अभिनेता के मुताबिक, रामायण कई पीढ़ियों से करोड़ों लोगों की आस्था और जीवन मूल्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। ऐसे में इस कहानी को पर्दे पर उतारते समय इसकी गरिमा और प्रामाणिकता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। रणबीर ने कहा कि इस तरह के किरदार को निभाने के लिए कलाकार की नीयत साफ होनी चाहिए। कहानी को ईमानदारी और सही भावना के साथ दर्शकों तक पहुंचाने की इच्छा सबसे ज्यादा मायने रखती है।
रणबीर कपूर ने राम के किरदार की तैयारी कैसे की?
जब रणबीर कपूर से पूछा गया कि उन्होंने भगवान राम के किरदार के लिए किस तरह तैयारी की, तो उन्होंने बताया कि इसकी तैयारी किसी एक तरीके तक सीमित नहीं थी। इस तरह की भूमिका के लिए काफी कुछ पढ़ना, समझना और कहानी की गहराई में उतरना पड़ता है। उन्होंने फिल्म की पूरी टीम की भी तारीफ की। रणबीर के अनुसार, कलाकारों से लेकर निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक तक, सभी ने कहानी को प्रामाणिक तरीके से पेश करने के उद्देश्य से काम किया है।
उनके लिए यह सिर्फ एक फिल्म में अभिनय करने का अवसर नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कहानी को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी है।
पहली बार पिता बनने के दौरान मिला रामायण का ऑफर
रणबीर कपूर ने फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प संयोग साझा करते हुए बताया कि जब वह पहली बार पिता बने, उसी दौरान उन्हें ‘रामायण’ में काम करने का अवसर मिला। उन्होंने माना कि उस समय उन्हें एक बेहतर इंसान बनने के लिए भी रामायण के विचारों और मूल्यों की जरूरत महसूस हुई थी।
रणबीर के मुताबिक, पिता बनने के बाद जीवन और जिम्मेदारियों को देखने का नजरिया बदल सकता है। ऐसे समय में भगवान राम का किरदार मिलना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। अभिनेता ने इस भूमिका को निभाने का मौका मिलने पर खुद को खुशकिस्मत बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस किरदार के लिए अपनी तरफ से पूरी मेहनत की है और इसे एक ऐसी परीक्षा माना, जिसमें उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ देना था।
‘रामायण’ से रणबीर कपूर को क्या उम्मीदें हैं?
रणबीर कपूर चाहते हैं कि ‘रामायण’ सिर्फ भारतीय दर्शकों तक सीमित न रहे, बल्कि दुनिया भर के लोग भी इससे जुड़ सकें। उनका मानना है कि भारतीय संस्कृति से निकली यह कहानी मानवीय भावनाओं, रिश्तों और जीवन मूल्यों के जरिए वैश्विक दर्शकों के दिलों तक पहुंच सकती है।
अभिनेता को उम्मीद है कि फिल्म की कहानी और प्रस्तुति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दर्शकों को प्रभावित करेगी। उनके अनुसार, रामायण की भावनाएं और इसके संदेश सार्वभौमिक हैं, जिन्हें अलग-अलग संस्कृतियों के लोग भी समझ सकते हैं।
‘रामायण’ को लेकर क्यों बढ़ रही है दर्शकों की उत्सुकता?
रणबीर कपूर की ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच लगातार उत्सुकता बनी हुई है। भगवान राम की भूमिका में रणबीर कपूर को देखना उनके प्रशंसकों के लिए खास होगा, वहीं फिल्म की कहानी और भव्य प्रस्तुति को लेकर भी काफी चर्चा है।
फिल्म से जुड़ी हर नई जानकारी दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म भारतीय महाकाव्य की भावनाओं और मूल्यों को बड़े पर्दे पर किस तरह पेश करती है और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच कितना प्रभाव छोड़ती है।
रणबीर कपूर के लिए ‘रामायण’ सिर्फ एक बड़ी फिल्म नहीं, बल्कि आस्था, जिम्मेदारी और व्यक्तिगत जीवन से जुड़ा एक खास अनुभव है। पिता बनने के दौरान भगवान राम का किरदार मिलना उनके लिए एक यादगार संयोग रहा, और अभिनेता इस भूमिका को पूरी ईमानदारी के साथ निभाने की कोशिश कर रहे हैं।
कंटेंट राइटर एवं रिपोर्टर, खबर मन्त्र। झारखंड के स्थानीय समाचार, महिला विकास, कला और लाइफस्टाइल खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।









