Ranchi: झारखंड में नक्सली फंडिंग के खिलाफ प्रवर्तन निर्देशालय यानी ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की जांच में जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत करीब 3.87 करोड़ रुपए मूल्य की 11 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है। यह कार्रवाई एम.एस संतोष कंस्ट्रक्शन और उसके सहयोगियों के खिलाफ चल रही मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है।
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चंदवा थाना में दर्ज दो एफआईआऱ के आधार पर शुरू हुई जांच
ईडी के अनुसार यह जांच लातेहार के चंदवा थाना में दर्ज दो एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। जिन्हें बाद में एनआईए ने अपने हाथ में लेकर जांच की। पहला मामला 22 नवंबर 2019 को लातेहार की लुकुइया मोड़ पर हुए माओवादी हमले से जुड़ा है। जिसमें झारखंड पुलिस के चार जवान शहीद हुए थे और हिथियार लूट लिए गए थे। वहीं दूसरा मामला संतोष कंस्ट्रक्शन के साझेदार मृत्यूंजय कुमार उर्फ सोनू सिंह द्वारा प्रतिबंधित संगठन सीपीआई के क्षेत्रीय कमांडर रविंद्र गंझू को कथिथ तौर पर 5 लाख रुपये लेवी देने से जुड़ा है।
3.87 करोड़ की 11 संपत्तियां जब्त
इसी दौरान जांच में ईडी को पता चला कि इस मामले में करीब 7.16 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय तैयार हुई। आरोप है कि इस राशि के एक हिस्से को कंपनी में पूंजी निवेश के रूप में दिखाया गया और बाद में लातेहार के चंदवा और कमता मौजा में 11 अचल संपत्तियां खरीदकर धन को वैध बनाने की कोशिश की गई। ईडी ने बताया है कि कुर्क की गई इन संपत्तियों की अनुमानित कमीत 3.87 करोड़ रुपये है। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है औऱ आने वाले दिनों में इस केस में और भी कार्रवाई हो सकती है।







