Ranchi News: झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन की मांग, मनमानी फीस बढ़ाने वाले स्कूलों पर हो सख्त कार्रवाई
Ranchi News(झारखंड): राजधानी रांची के निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए की जा रही मनमानी फीस वृद्धि और अनियमितताओं के खिलाफ झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में इस संबंध में रांची के उपायुक्त (DC) को एक विस्तृत ज्ञापन ईमेल के माध्यम से सौंपा गया है।
फीस में 15 से 30 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी
ज्ञापन में एसोसिएशन ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिला प्रशासन द्वारा फीस निर्धारण के लिए गठित कमेटी की अब तक एक भी बैठक नहीं हुई है। इस सुस्ती का फायदा उठाकर कई निजी स्कूलों ने मंथली फीस, एनुअल चार्ज, डेवलपमेंट चार्ज और कंप्यूटर फीस जैसे विभिन्न मदों में 15% से 30% तक की वृद्धि कर दी है। इससे अभिभावकों पर भारी आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

पुस्तक सूची और चुनिंदा दुकानों का दबाव
अजय राय ने बताया कि कई स्कूलों ने अब तक अधिकारिक पुस्तक सूची (Book List) जारी नहीं की है। इसके अलावा, अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
CBSE और ICSE बोर्ड के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि कोई भी स्कूल किसी विशेष दुकान से खरीदारी के लिए दबाव नहीं बना सकता। इसके बावजूद रांची के स्कूलों में इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
उपायुक्त से की गई प्रमुख मांगें
झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से कई मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है:
- फीस कमेटी की बैठक: जिला फीस निर्धारण कमेटी की तत्काल बैठक बुलाई जाए।
- अतिरिक्त राशि की वापसी: नियमों के विरुद्ध वसूली गई बढ़ी हुई फीस अभिभावकों को वापस दिलाई जाए।
- अनिवार्य पुस्तक सूची: सभी स्कूलों को तुरंत सार्वजनिक रूप से पुस्तक सूची जारी करने का निर्देश दिया जाए।
- दुकानों की बाध्यता खत्म हो: किसी विशेष दुकान से खरीदारी के दबाव पर तत्काल रोक लगे।
- हेल्पलाइन नंबर: अभिभावकों की शिकायतों के लिए जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी या हेल्पलाइन नियुक्त हो।
- मान्यता रद्द करने की चेतावनी: नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ मान्यता रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाए।
Ranchi News: शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की जरूरत
अध्यक्ष अजय राय ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा हजारों छात्रों और अभिभावकों के भविष्य और जेब से जुड़ा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि रांची जिला प्रशासन इस पर त्वरित संज्ञान लेगा, जिससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगेगी।












