शुक्रवार, अक्टूबर 16, 2026
Khabar Mantra
No Result
View All Result
  • होम
  • झारखंड
    • रांची Ranchi
    • धनबाद Dhanbad
    • जमशेदपुर Jamshedpur
    • पलामू Palamu
    • कोडरमा Koderma
    • गढ़वा Garhwa
    • गिरिडीह Giridih
    • गुमला Gumla
    • देवघर Deoghar
    • दुमका Dumka
    • बोकारो (Bokaro)
    • जामतारा Jamtara
    • सिमडेगा Simdega
    • हजारीबाग Hazaribagh
    • लोहरदगा Lohardaga
    • चतरा Chatra
    • चाईबासा Chaibasa
    • गोड्डा Godda
    • खूंटी Khunti
    • लातेहार Latehar
    • पाकुड़ Pakur
    • रामगढ़ Ramgarh
    • साहिबगंज Sahibganj
    • सरायकेला खरसावां Seraikela Kharsawan
  • क्राइम
  • देश
    • बिहार
  • धर्म-अध्याय
  • खेल
  • शिक्षा
  • लाइफस्टाइल
    • मनोरंजन Entertainment
  • खबर हटके
  • टेक्नोलॉजी
Khabar Mantra
Sumitra Enclave Kokar Ranchi - Festive Apartment Booking Sumitra Enclave Kokar Ranchi - Festive Apartment Booking Sumitra Enclave Kokar Ranchi - Festive Apartment Booking

RBI का नया प्रस्ताव 10,000 रुपये से ज़्यादा UPI पेमेंट पर लगेगी 1 घंटे की रोक  जानिए क्या बदलेगा, क्या नहीं

जून 1, 2026
in झारखंड Jharkhand News
A A
RBI ने 10,000 रुपये से ज़्यादा UPI पेमेंट पर 1 घंटे की देरी का प्रस्ताव दिया नया नियम 2026

भारतीय रिजर्व बैंक ने 10 अप्रैल 2026 को एक चर्चा पत्र जारी किया जिसमें 10,000 रुपये से ज़्यादा के डिजिटल ट्रांसफर पर एक घंटे की रोक का प्रस्ताव है। यह अभी प्रस्ताव है, लागू नियम नहीं। (फोटो: प्रतीकात्मक)

Share on FacebookShare on Twitter
WhatsApp चैनल से जुड़ें ताजा समाचार सीधे WhatsApp पर पाएं
जॉइन करें
Google News पर खबर मन्त्र को फॉलो करेंझारखंड की हर ब्रेकिंग खबर के लिए स्टार दबाएं
फॉलो करें
यह खबर सुनेंऑडियो
समय: ~22 मिनट•हिंदी बुलेटिन

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 10 अप्रैल 2026 को एक चर्चा पत्र जारी किया है जिसमें 10,000 रुपये से अधिक के व्यक्ति-से-व्यक्ति डिजिटल ट्रांसफर पर 1 घंटे की रोक का प्रस्ताव है। यह अभी सिर्फ प्रस्ताव है  लागू नियम नहीं। दुकानों पर QR कोड से पेमेंट और बिल भुगतान पर कोई असर नहीं होगा। आम जनता 8 मई 2026 तक अपनी राय RBI को दे सकती है।

Table of Contents

Toggle
  • RBI ने क्या जारी किया है  और यह क्या नहीं है
  • RBI को यह सोचना क्यों पड़ा  धोखाधड़ी के आंकड़े देखकर होश उड़ जाते हैं
    • असली खतरा  मनोवैज्ञानिक दबाव से करवाई गई पेमेंट
  • RBI के चर्चा पत्र में चार प्रस्ताव  एक-एक करके समझें
    • प्रस्ताव एक: 10,000 रुपये से अधिक के ट्रांसफर पर 1 घंटे की प्रतीक्षा
    • प्रस्ताव दो: बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए ‘विश्वसनीय व्यक्ति’ की जरूरत
    • प्रस्ताव तीन: संदिग्ध खातों में आने वाली राशि पर सीमा
    • प्रस्ताव चार: एक बटन से सभी डिजिटल पेमेंट तुरंत बंद करने का ‘किल स्विच’
  • दुनिया के दूसरे देश क्या करते हैं  भारत आगे है या पीछे?
  • लोग क्या कह रहे हैं  और उनकी बात में कितना दम है?
    • ‘9,999 रुपये जिंदाबाद’  तोड़ निकालने की समस्या
    • अस्पताल में इमरजेंसी हो तो क्या होगा?
    • छोटे व्यापारियों पर असर
    • देरी के पक्ष में तर्क  जो अक्सर गुम हो जाता है
  • बैंक और फिनटेक विशेषज्ञ क्या सोचते हैं?
  • क्या नहीं बदलेगा  भ्रम दूर करें
  • आपको अभी क्या करना चाहिए?
  • स्रोत और अधिक जानकारी

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि 1 मई 2026 से UPI पेमेंट तुरंत नहीं होगी। लाखों लोगों ने इसे देखा, हजारों ने शेयर किया और कई लोगों के मन में घबराहट भी आई। लेकिन सच्चाई इससे काफी अलग है।

📌 यह भी पढ़ें:
  • स्वास्थ्य मंत्री रील बनाने में मस्त, मरीज इलाज के लिए त्रस्त-रमाकांत महतो ने मांगा जवाब
  • दुर्गा पूजा के छठे दिन रांची में बदला मौसम, पंडाल घूमने निकलने से पहले जान लें बारिश का अपडेट
  • आईडीबीआई बैंक की बिक्री को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, डॉ. राजीव नारायण प्रसाद बोले- आर्थिक मोर्चे पर विफल है सरकार

जो बात वायरल हो रही है वह पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन जिस तरह से पेश की गई है वह भ्रामक जरूर है। RBI ने एक चर्चा पत्र जारी किया है  यह कोई कानून नहीं है, कोई अधिसूचना नहीं है। यह सरकार का एक सवाल है जनता से, बैंकों से और उद्योग से  कि हम इस दिशा में सोच रहे हैं, आप क्या समझते हैं?

इस लेख में हम उस चर्चा पत्र की हर बात को सरल हिंदी में समझाएंगे। क्या प्रस्तावित है, किस पर असर पड़ेगा, किस पर नहीं, लोग क्या सोच रहे हैं और आपको अभी क्या करना चाहिए  सब कुछ यहां है।

ताजा प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय अपडेट्स
Top Updates
ताजा प्रादेशिक एवं राष्ट्रीय अपडेट्स

RBI ने क्या जारी किया है  और यह क्या नहीं है

10 अप्रैल 2026 को RBI के पेमेंट और सेटलमेंट सिस्टम विभाग ने एक दस्तावेज जारी किया जिसका नाम है  “Exploring Safeguards in Digital Payments to Curb Frauds”  यानी डिजिटल पेमेंट में धोखाधड़ी रोकने के उपाय ढूंढना।

यह एक चर्चा पत्र है। नीति-निर्माण की भाषा में इसका मतलब होता है  पहला कदम। इसके बाद फीडबैक आता है, फिर मसौदा दिशा-निर्देश, फिर लागू करने की प्रक्रिया। यानी अभी हम सबसे पहले कदम पर खड़े हैं।

वायरल वीडियो में ‘1 मई से UPI बदल जाएगी’ का जो दावा है  वह तारीख पूरी तरह काल्पनिक है। RBI के दस्तावेज में ऐसी कोई तारीख नहीं है।

खबर मन्त्र विशेष वीडियो रिपोर्ट
Exclusive Report
खबर मन्त्र विशेष वीडियो रिपोर्ट

आम जनता, बैंक और वित्तीय कंपनियां 8 मई 2026 तक अपनी राय दे सकती हैं। उसके बाद RBI सब पढ़कर तय करेगी कि आगे क्या करना है। लागू होने में महीनों लग सकते हैं।

RBI को यह सोचना क्यों पड़ा  धोखाधड़ी के आंकड़े देखकर होश उड़ जाते हैं

इस प्रस्ताव को समझने के लिए पहले यह समझना जरूरी है कि भारत में डिजिटल पेमेंट धोखाधड़ी किस स्तर पर पहुंच गई है। ये आंकड़े राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के हैं और RBI ने इन्हें अपने दस्तावेज में सीधे उद्धृत किया है।

भारत में डिजिटल पेमेंट धोखाधड़ी के आंकड़े:

  • 2021: 2.6 लाख शिकायतें, कुल धोखाधड़ी राशि 551 करोड़ रुपये
  • 2025: 28 लाख शिकायतें, कुल धोखाधड़ी राशि 22,930 करोड़ रुपये
  • चार साल में शिकायतें 10 गुना और धोखाधड़ी की रकम 40 गुना बढ़ गई
  • 10,000 रुपये से अधिक के ट्रांसफर कुल धोखाधड़ी राशि का लगभग 98.5 प्रतिशत हैं
  • 2025 में भारत में UPI से 228 अरब लेन-देन हुए  यानी हर दिन 69.8 करोड़ से ज़्यादा

22,930 करोड़ रुपये। एक साल में। आम भारतीयों का पैसा। ज़्यादातर बुजुर्गों का। और यह पैसा इसलिए नहीं गया कि बैंकों के सर्वर हैक हुए या किसी का पासवर्ड चुराया गया।

असली खतरा  मनोवैज्ञानिक दबाव से करवाई गई पेमेंट

RBI के दस्तावेज की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है  आज की अधिकतर डिजिटल धोखाधड़ी तकनीकी कमजोरी से नहीं होती। इसे Authorised Push Payment (APP) Fraud कहते हैं  यानी वह धोखाधड़ी जिसमें पीड़ित खुद अपनी मर्जी से पैसा भेजता है, लेकिन डर, दबाव या भ्रम में।

झारखंड मुख्य समाचार एवं विशेष रिपोर्ट
Special Report

एक नकली CBI अधिकारी फोन करता है। बताता है कि आपके खाते से गैरकानूनी लेन-देन हुआ है। डरा देता है। और कहता है  अभी इस नंबर पर पैसा भेजो नहीं तो गिरफ्तारी होगी। पीड़ित घबराहट में पेमेंट कर देता है। पैसा मिनटों में निकाल लिया जाता है। वापसी लगभग नामुमकिन है।

RBI के दस्तावेज में साफ लिखा है  ‘जालसाज तात्कालिकता और निरंतर मनोवैज्ञानिक दबाव पर निर्भर करते हैं। पेमेंट में देरी से यह मनोवैज्ञानिक नियंत्रण टूट जाता है।’

RBI के चर्चा पत्र में चार प्रस्ताव  एक-एक करके समझें

दस्तावेज में एक नहीं, चार अलग-अलग प्रस्ताव हैं। जरूरी नहीं कि सभी लागू हों  RBI फीडबैक के आधार पर तय करेगी।

प्रस्ताव एक: 10,000 रुपये से अधिक के ट्रांसफर पर 1 घंटे की प्रतीक्षा

यही वह प्रस्ताव है जिसने सबसे ज़्यादा चर्चा छेड़ी। इसके मुताबिक यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को 10,000 रुपये से अधिक भेजते हैं जिसे आपने पहले कभी पैसे नहीं भेजे, तो पैसा तुरंत नहीं जाएगा। बैंक उसे 1 घंटे के लिए रोककर रखेगा।

इस 1 घंटे के दौरान आप पेमेंट रद्द कर सकते हैं। यदि बैंक की प्रणाली को ट्रांसफर संदिग्ध लगे, तो वह आपसे दोबारा पुष्टि मांगेगी।

इन पर यह नियम लागू नहीं होगा  ये तुरंत रहेंगे:

  • दुकानों पर QR कोड स्कैन करके पेमेंट  पूरी तरह तुरंत
  • Swiggy, Zomato, Amazon जैसे ऐप्स पर ऑनलाइन खरीदारी
  • बिजली, पानी, मोबाइल रिचार्ज जैसे बिल भुगतान
  • EMI और NACH जैसे स्वचालित भुगतान
  • उन लोगों को पेमेंट जिन्हें आप पहले भी पैसे भेज चुके हैं
  • चेक भुगतान

सीधे शब्दों में  आपकी रोज़मर्रा की UPI पेमेंट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह देरी सिर्फ उन मामलों में है जहां सबसे ज़्यादा धोखाधड़ी होती है।

प्रस्ताव दो: बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए ‘विश्वसनीय व्यक्ति’ की जरूरत

70 साल या उससे अधिक उम्र के नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए 50,000 रुपये से अधिक के ट्रांसफर पर एक ‘विश्वसनीय व्यक्ति’ की स्वीकृति जरूरी होगी  जैसे कोई बच्चा या परिवार का सदस्य। NCRP के आंकड़े बताते हैं कि इन समूहों पर हुई धोखाधड़ी कुल रिपोर्ट की गई धोखाधड़ी राशि का लगभग 92 प्रतिशत है।

प्रस्ताव तीन: संदिग्ध खातों में आने वाली राशि पर सीमा

जिन खातों की KYC पर्याप्त नहीं है या जो मनी ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल होने वाले ‘म्यूल अकाउंट’ जैसे लगते हैं, उनमें एक साल में आने वाली राशि पर सीमा तय की जा सकती है। इससे जालसाजों के उस नेटवर्क पर चोट होगी जो चुराया गया पैसा तेज़ी से आगे बढ़ाता है।

प्रस्ताव चार: एक बटन से सभी डिजिटल पेमेंट तुरंत बंद करने का ‘किल स्विच’

यह शायद चारों प्रस्तावों में सबसे उपयोगी है। यदि आपको लगे कि आप धोखाधड़ी का शिकार हो रहे हैं, तो एक बटन दबाकर अपने खाते की सभी डिजिटल पेमेंट सेवाएं तुरंत बंद कर सकते हैं। यह सुविधा सिंगापुर में पहले से मौजूद है और ऑस्ट्रेलिया में लागू हो रही है।

दुनिया के दूसरे देश क्या करते हैं  भारत आगे है या पीछे?

वायरल पोस्ट का भाव यह है कि भारत डिजिटल भुगतान के मामले में पीछे जा रहा है। असलियत अलग है।

  • ब्रिटेन: बैंक संदिग्ध पेमेंट को 72 घंटे तक रोक सकते हैं। 2024 में APP धोखाधड़ी पर अनिवार्य मुआवजे का कानून भी लागू हुआ।
  • सिंगापुर: जोखिम वाले लेन-देन पर 12 घंटे की प्रतीक्षा पहले से है। किल स्विच पूरी तरह लागू है।
  • स्वीडन: बड़े ट्रांसफर पर बैंक-स्तरीय पुष्टि की व्यवस्था है।
  • ऑस्ट्रेलिया: 2024 में कानून बना जिसमें APP धोखाधड़ी की जिम्मेदारी बैंकों पर डाली गई।

भारत का प्रस्तावित 60 मिनट का होल्ड ब्रिटेन के 72 घंटे और सिंगापुर के 12 घंटे के उच्च-जोखिम मॉडल से काफी कम है। यह दुनिया की दिशा है  तुरंत भुगतान प्रणाली में जानबूझकर थोड़ा अवरोध डालना ताकि नागरिकों की सुरक्षा हो सके।

लोग क्या कह रहे हैं  और उनकी बात में कितना दम है?

सोशल मीडिया पर जो प्रतिक्रियाएं आ रही हैं वे सिर्फ भावनात्मक नहीं हैं  कुछ सवाल असली और ज़रूरी हैं।

‘9,999 रुपये जिंदाबाद’  तोड़ निकालने की समस्या

वायरल वीडियो पर सबसे ज़्यादा लाइक पाने वाली टिप्पणी थी  ‘9,999 रुपये जिंदाबाद।’ बात सीधी है  अगर सीमा 10,000 है तो लोग 9,999 दो बार भेज देंगे। जालसाज तो इससे भी ज़्यादा चालाक हैं, वे फौरन इस तरकीब को अपना लेंगे।

यह एक वास्तविक नीतिगत कमजोरी है। RBI का दस्तावेज खुद स्वीकार करता है कि ऐसी प्रणालियों को दरकिनार किया जा सकता है। फिर भी RBI का तर्क है कि यहां तक कि अपूर्ण अवरोध भी उन लाखों पीड़ितों के लिए उपयोगी हो सकता है जो बिना सोचे बड़ी रकम भेज देते हैं।

अस्पताल में इमरजेंसी हो तो क्या होगा?

एक टिप्पणीकार ने पूछा  ‘अगर रात 2 बजे अस्पताल में पैसे भेजने हों तो?’ यह सबसे मजबूत आपत्ति है। वर्तमान प्रस्ताव में आपातकालीन छूट का कोई जिक्र नहीं है। यही वह जगह है जहां सार्वजनिक फीडबैक सबसे ज़रूरी है।

छोटे व्यापारियों पर असर

जो छोटे व्यापारी अपने निजी UPI नंबर से पेमेंट लेते हैं  जैसे एक मैकेनिक जिसने मरम्मत का बिल 12,000 रुपये बताया और अपने व्यक्तिगत QR से पैसे मांगे  उन पर असर पड़ सकता है। ऐसे मामले में पेमेंट की पुष्टि में देरी से व्यापार प्रभावित होगा। यह कोई छोटी बात नहीं है।

देरी के पक्ष में तर्क  जो अक्सर गुम हो जाता है

इस पूरी बहस में एक बात दब जाती है  देरी का सबसे बड़ा फायदा। यदि कोई जालसाज आपको डराकर 25,000 रुपये भेजवा रहा है और पैसा 1 घंटे रुक जाता है, तो आपके पास फोन रखने, परिवार से बात करने, बैंक से पूछने और पेमेंट रद्द करने का समय है। यह मौका आज बिल्कुल नहीं है  एक बार ‘भेजें’ दबाया तो बात खत्म।

खबर मन्त्र एक्सक्लूसिव पड़ताल एवं विश्लेषण
Exclusive

बैंक और फिनटेक विशेषज्ञ क्या सोचते हैं?

बैंक इस प्रस्ताव से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। जगरण बिजनेस में एक वरिष्ठ निजी बैंक अधिकारी के हवाले से खबर आई है कि बैंकिंग उद्योग 10,000 रुपये की सीमा को बढ़ाकर 25,000 रुपये या उससे अधिक करने की मांग कर सकता है।

बैंकों की दूसरी चिंता IT इन्फ्रास्ट्रक्चर की है। हर दिन 69.8 करोड़ UPI ट्रांसफर के लिए ‘होल्ड सिस्टम’ बनाना बड़ा और महंगा काम है। भारतीय बैंक संघ (IBA) और पेमेंट स्व-नियामक संगठन 8 मई की समयसीमा से पहले अपनी राय तैयार कर रहे हैं।

कई फिनटेक विशेषज्ञों ने एक बेहतर विकल्प सुझाया है  तय सीमा की बजाय AI-आधारित जोखिम स्कोरिंग का इस्तेमाल। इसमें डिवाइस बायोमेट्रिक्स, स्थान डेटा और व्यवहार के आधार पर सिर्फ संदिग्ध ट्रांसफर पर देरी लगाई जाए, बाकी सभी पेमेंट पहले जैसी रहें।

Also Read: Ranchi News: डिजिटल जनगणना 2027 का आगाज-अब कागज नहीं एप पर होगा डेटा, रांची में फील्ड ट्रेनर्स की हाईटेक ट्रेनिंग शुरू

क्या नहीं बदलेगा  भ्रम दूर करें

वायरल सामग्री की वजह से कई गलतफहमियां फैल गई हैं। सीधे तौर पर समझें:

  • आपकी UPI लेन-देन की सीमा नहीं बदलेगी
  • दुकानों, ऐप्स, रेस्तरां, पेट्रोल पंप पर पेमेंट तुरंत रहेगी
  • बिल, रिचार्ज, EMI पर कोई असर नहीं
  • जिन्हें पहले पैसे भेज चुके हैं, उन्हें भेजना तुरंत रहेगा
  • 1 मई 2026 की कोई तारीख RBI के दस्तावेज में नहीं है  यह झूठी खबर है
  • यह अभी प्रस्ताव है  कानून बनने और लागू होने में महीनों लग सकते हैं

आपको अभी क्या करना चाहिए?

सबसे जरूरी बात  आम नागरिक इस फैसले को प्रभावित कर सकते हैं। RBI की सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया असली है। यदि आप एक छोटे व्यापारी हैं, बुजुर्ग हैं, या आपके पास कोई ठोस राय है  आपका फीडबैक मायने रखता है।

RBI को राय देने के लिए:

RBI के Connect 2 Regulate पोर्टल पर जाएं  rbi.org.in  और 8 मई 2026 से पहले अपनी राय दर्ज करें।

इस नियम से निरपेक्ष  अभी ये आदतें बनाएं:

  1. UPI पेमेंट के लिए अपने फोन पर तुरंत अलर्ट चालू रखें
  2. फोन पर कोई भी ‘तुरंत पैसा भेजो’ कहे  फोन काटें, परिवार से बात करें, फिर आधिकारिक नंबर पर कॉल करें
  3. बुजुर्ग माता-पिता या रिश्तेदारों को इन तरकीबों के बारे में बताएं
  4. UPI ऐप्स में जो नंबर या ID आप अब इस्तेमाल नहीं करते, उन्हें हटाएं
  5. यदि धोखाधड़ी का शक हो तो बैंक की 24 घंटे हेल्पलाइन पर तुरंत कॉल करें  डिजिटल पेमेंट ब्लॉक करवाएं

UPI भारत की सबसे बड़ी डिजिटल उपलब्धियों में से एक है। इसने करोड़ों लोगों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ा, पेमेंट को आसान और तुरंत बनाया। यह धोखाधड़ी की समस्या इस उपलब्धि को मिटाती नहीं  लेकिन उसे जटिल जरूर बनाती है।

UPI की सबसे बड़ी ताकत और कमजोरी एक ही है  रफ्तार। जो चीज़ UPI को शानदार बनाती है, वही APP धोखाधड़ी को इतना खतरनाक बनाती है। इस तनाव का कोई ऐसा हल नहीं जिसमें कुछ समझौता न हो।

एक तय सीमा पर सभी को रोकना  यह सरल लेकिन कच्चा तरीका है। AI-आधारित जोखिम स्कोरिंग  यह ज़्यादा सटीक लेकिन बनाना मुश्किल है और जालसाज इसे समझ लेंगे। लेकिन जब चार साल में धोखाधड़ी 40 गुना बढ़ गई हो, तो कुछ न करना भी अब विकल्प नहीं है।

प्रस्ताव अधूरा है। लेकिन मौजूदा हालत भी ठीक नहीं है। 8 मई के बाद जो होगा, वह इस बात पर निर्भर करेगा कि फीडबैक कितने ठोस और सोचे-समझे आते हैं।

स्रोत और अधिक जानकारी

इस लेख में दी गई सभी जानकारी प्राथमिक स्रोतों पर आधारित है:

  • RBI चर्चा पत्र: ‘Exploring Safeguards in Digital Payments to Curb Frauds’  10 अप्रैल 2026, rbi.org.in
  • राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP)  cybercrime.gov.in
  • नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI)  npci.org.in
  • RBI Connect 2 Regulate पोर्टल  फीडबैक की अंतिम तिथि 8 मई 2026
  • Deccan Chronicle: RBI Draft Proposal to Introduce One Hour Mandatory Delay for UPI  13 अप्रैल 2026
  • Outlook Business: RBI Proposes 1-Hour Delay for Transactions Above Rs 10,000  11 अप्रैल 2026

अस्वीकरण: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। यहां चर्चा किए गए प्रस्ताव सार्वजनिक परामर्श चरण में हैं और अभी तक लागू नहीं हुए हैं। किसी भी वित्तीय निर्णय के लिए RBI की आधिकारिक अधिसूचनाएं देखें।

Akash Kumar Singh Tech - Khabar Mantra
Akash Singh

Akash Kumar Singh is an IT Executive & SEO Specialist at Khabar Mantra. A Full-Stack Developer, AI/ML Engineer, and EdTech Founder (Dilwado), he scales platforms serving 10K+ students, commands a 400K+ subscriber tech channel, and drives high-performance web growth.

झारखंड मुख्य समाचार एवं विश्लेषण
Special Coverage
झारखंड मुख्य समाचार एवं विश्लेषण

Related Posts

स्वास्थ्य मंत्री रील बनाने में मस्त, मरीज इलाज के लिए त्रस्त-रमाकांत महतो ने मांगा जवाब
झारखंड Jharkhand News

स्वास्थ्य मंत्री रील बनाने में मस्त, मरीज इलाज के लिए त्रस्त-रमाकांत महतो ने मांगा जवाब

अक्टूबर 16, 2026
108 एंबुलेंस कर्मियों एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल, पूरे राज्य में सेवा प्रभावित
रांची Ranchi

108 एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल, पूरे राज्य में सेवा प्रभावित

अक्टूबर 16, 2026
कोडरमा क्रिकेट संघ में आखिर चल क्या रहा है? सचिव पर गंभीर आरोप, JSCA से कई बार शिकायत!
कोडरमा Koderma

कोडरमा क्रिकेट संघ में आखिर चल क्या रहा है? सचिव पर गंभीर आरोप, JSCA से कई बार शिकायत!

अक्टूबर 16, 2026
Next Post
Aaj Ka Rashifal 14 April 2026: Luck Will Shine for These 4 Zodiac Signs During Shukla Yoga, Check Tuesday Horoscope

Aaj Ka Rashifal 14 April 2026: शुक्ल योग में चमकेगी इन 4 राशियों की किस्मत, जानें मंगलवार का भाग्यफल

Jharkhand Weather Update: Alert for Severe Heat and 'Extreme' UV Index on April 14

Jharkhand Weather Update: 14 अप्रैल को भीषण गर्मी और 'Extreme' UV इंडेक्स का अलर्ट, जानें आपके जिले का हाल

विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्री रील बनाने में मस्त, मरीज इलाज के लिए त्रस्त-रमाकांत महतो ने मांगा जवाब

स्वास्थ्य मंत्री रील बनाने में मस्त, मरीज इलाज के लिए त्रस्त-रमाकांत महतो ने मांगा जवाब

अक्टूबर 16, 2026

तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दीपके हिरासत में, कनॉट प्लेस बना छावनी; नेहा बोरा भी डिटेन

शेर नहीं, गधा है मां कालरात्रि का वाहन, जानें इसके पीछे की मान्यता

108 एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल, पूरे राज्य में सेवा प्रभावित

कोडरमा क्रिकेट संघ में आखिर चल क्या रहा है? सचिव पर गंभीर आरोप, JSCA से कई बार शिकायत!

दुर्गा पूजा के छठे दिन रांची में बदला मौसम, पंडाल घूमने निकलने से पहले जान लें बारिश का अपडेट

Khabar Mantra

© 2025 Khabar Mantra

Navigate Site

  • Home
  • Privacy Policy
  • Corrections Policy
  • Editorial Policy
  • Terms of Service (नियम और शर्तें)
  • Contact Us
  • Sitemap

Follow Us

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
व्हाट्सएप शेयर ग्रुप से जुड़ें
✕
अगला लेख
✕

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • होम
  • झारखंड
    • रांची Ranchi
    • धनबाद Dhanbad
    • जमशेदपुर Jamshedpur
    • पलामू Palamu
    • कोडरमा Koderma
    • गढ़वा Garhwa
    • गिरिडीह Giridih
    • गुमला Gumla
    • देवघर Deoghar
    • दुमका Dumka
    • बोकारो (Bokaro)
    • जामतारा Jamtara
    • सिमडेगा Simdega
    • हजारीबाग Hazaribagh
    • लोहरदगा Lohardaga
    • चतरा Chatra
    • चाईबासा Chaibasa
    • गोड्डा Godda
    • खूंटी Khunti
    • लातेहार Latehar
    • पाकुड़ Pakur
    • रामगढ़ Ramgarh
    • साहिबगंज Sahibganj
    • सरायकेला खरसावां Seraikela Kharsawan
  • क्राइम
  • देश
    • बिहार
  • धर्म-अध्याय
  • खेल
  • शिक्षा
  • लाइफस्टाइल
    • मनोरंजन Entertainment
  • खबर हटके
  • टेक्नोलॉजी

© 2025 Khabar Mantra

📍

अपना शहर / जिला चुनें

झारखंड व बिहार के प्रमुख जिलों की ताजा खबरें

🌟 रांची (Ranchi) राजधानी 🌟 धनबाद (Dhanbad) कोयलांचल 🌟 जमशेदपुर (Tata) इस्पात नगरी बोकारो (Bokaro) पलामू (Palamu) हजारीबाग (Hazaribagh) गिरिडीह (Giridih) देवघर (Deoghar) कोडरमा (Koderma) दुमका (Dumka) रामगढ़ (Ramgarh) गढ़वा (Garhwa) गुमला (Gumla) चाईबासा (Chaibasa) चतरा (Chatra) लोहरदगा (Lohardaga) सिमडेगा (Simdega) जामताड़ा (Jamtara) खूंटी (Khunti) लातेहार (Latehar) साहिबगंज (Sahibganj) पाकुड़ (Pakur) गोड्डा (Godda) सरायकेला (Seraikela) 🚩 बिहार (Bihar News) 🏹 पूरा झारखंड (All)
होम आप का शहर K जॉब्स Shorts